{"_id":"648a9cfbbda7a353b5024687","slug":"defence-acquisition-council-meeting-led-by-defence-minister-rajnath-singh-2023-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Defence: तो अमेरिका से ड्रोन और फाइटर जेट इंजन तकनीक हासिल कर सकता है भारत! रक्षा परिषद की बैठक में मंजूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Defence: तो अमेरिका से ड्रोन और फाइटर जेट इंजन तकनीक हासिल कर सकता है भारत! रक्षा परिषद की बैठक में मंजूरी
Thu, 15 Jun 2023 04:23 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 15 Jun 2023 04:23 PM IST
सार
Defence: रक्षा खरीद परिषद की बैठक में अमेरिका से एमक्यू-9 रीपर सशस्त्र ड्रोन खरीदने के सौदे पर चर्चा होगी। रक्षा मंत्रालय और सेना के शीर्ष अधिकारी बैठक में भाग लेंगे। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बैठक के एजेंडे के बारे में बताया कि इनमें अन्य 'मेड इन इंडिया' रक्षा सौदों जुड़ी बातचीत शामिल है।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की तैयारियों के बीच रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को अमेरिका से प्रीडेटर (एमक्यू-9 रीपर) ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दे दी है, अब इसके लिए अंतिम निर्णय सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) लेगी। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'प्रीडेटर ड्रोन के सौदे को आज रक्षा खरीद परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई। अधिग्रहण प्रस्ताव को अब आगे की प्रक्रिया का पालन करना होगा, जिसके बाद इसे सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की ओर से मंजूरी दी जाएगी।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद की बैठक आज (गुरुवार) सुबह 10 बजे शुरू हुई, जिसमें अमेरिका से एमक्यू-9 रीपर सशस्त्र ड्रोन खरीदने के सौदे पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्रालय और सेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस बैठक में भाग लिया। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बैठक के एजेंडे के बारे में बताया कि इसमें अन्य 'मेड इन इंडिया' रक्षा सौदों जुड़ी बातचीत भी शामिल किया गया।
विज्ञापन
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगले सप्ताह वाशिंगटन यात्रा के दौरान अमेरिका और भारत देश में लड़ाकू विमानों के इंजनों के संयुक्त रूप से निर्माण पर सहमत हो सकते हैं। चीन की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर दोनों देशों के बीच ये घनिष्ठ सैन्य सहयोग के संकेत हैं।
विज्ञापन
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, सौदा फिनिश लाइन के करीब है, सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि इन सौदों के विवरण गोपनीय हैं। सूत्रों ने बताया कि व्हाइट हाउस मैसाचुसेट्स स्थित एयरोस्पेस विनिर्माण दिग्गज जनरल एटॉमिक्स कंपनी के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है, जिसमें तेजस हल्के लड़ाकू विमान के लिए सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ इंजन का उत्पादन करने की बात कही गई है।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से जुड़ी कई बातें 'एक पृष्ठ पर सिर्फ बुलेट पॉइंट नहीं हैं। "वे मूल रूप से रक्षा व्यापार में, उच्च तकनीक व्यापार में, हमारे प्रत्येक देश में निवेश में उन बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
सुलिवन प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले शीर्ष भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक के लिए इस सप्ताह भारत में हैं। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी कइ अमेरिका यात्रा के पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने रक्षा खरीद परिषद की बैठक को महत्वपूर्ण माना हा रहा है। पीएम मोदी 21 जून को अपनी पहली औपचारिक राजकीय यात्रा शुरू करेंगे। राष्ट्रपति जो बाइडन राजकीय भोज के लिए उनकी मेजबानी करेंगे, और पीएम मोदी भी अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करेंगे।