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Credit Card: क्रेडिट साइक्लिंग हो सकती है खतरनाक, यूजर्स रहें सावधान
सार
क्रेडिट साइक्लिंग में यूजर्स अपनी क्रेडिट सीमा तक खर्च करते हैं और फिर जल्दी से बैलेंस का भुगतान कर देते हैं, जिससे अधिक खर्च करने की जगह बनती है। विशेषज्ञों के अनुसार कभी-कभार ऐसा करना बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन बार-बार क्रेडिट लिमिट का पूर्ण इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।
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क्रेडिट कार्ड का पिन बनवाने का तरीका ये है
- फोटो : istock
विस्तार
क्रेडिट कार्ड की एक खर्च सीमा होती है, जिसके बारे में कार्डधारक आमतौर पर जानते हैं। यह सीमा बिल के पूर्ण और समय पर भुगतान के साथ प्रत्येक बिलिंग स्टेटमेंट पर रीसेट होती है। क्रेडिट साइक्लिंग करने वाले कार्ड यूजर्स इस सीमा तक खर्च करते हैं और जल्दी से बैलेंस चुका देते हैं, जिससे वे अपनी सामान्य सीमा से अधिक खर्च कर पाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवहार जोखिम भरा हो सकता है और इससे क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
क्रेडिट साइक्लिंग क्या है
क्रेडिट साइक्लिंग में यूजर्स अपनी क्रेडिट सीमा तक खर्च करते हैं और फिर जल्दी से बैलेंस का भुगतान कर देते हैं, जिससे अधिक खर्च करने की जगह बनती है। विशेषज्ञों के अनुसार कभी-कभार ऐसा करना बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन बार-बार क्रेडिट लिमिट का पूर्ण इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।
कार्ड कंपनियों के लिए जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ उपभोक्ता कम क्रेडिट सीमा के कारण क्रेडिट साइक्लिंग करते हैं। अन्य लोग खरीदारी के लिए रिवॉर्ड और पॉइंट्स को तेजी से बढ़ाने के लिए ऐसा करते हैं। लेकिन कार्ड जारी करने वाली कंपनी बार-बार ऐसा करने वालों को जोखिम के रूप में देखती है, क्योंकि यह उनके नियमों और शर्तों का उल्लंघन हो सकता है या वित्तीय कठिनाई का संकेत दे सकता है।
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क्रेडिट साइक्लिंग के परिणाम
यदि कार्ड जारीकर्ता कंपनी क्रेडिट साइक्लिंग करने वाले ग्राहक को दंडित करती है और उनका खाता बंद करती है, तो यह उनके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। क्रेडिट उपयोगिता दर, जो बकाया ऋण और क्रेडिट सीमा का अनुपात है, क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करती है। कम उपयोगिता दर क्रेडिट स्कोर को बेहतर करती है, जबकि उच्च दर इसे नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञ 30 फीसद से कम और आदर्श रूप से 10 फीसद से कम उपयोगिता दर की सलाह देते हैं।
जोखिम और संभावित जुर्माना
निरंतर क्रेडिट सीमा के करीब खर्च करने से गलती से सीमा को पार करने की संभावना बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप ओवर-लिमिट शुल्क या ब्याज दर में वृद्धि हो सकती है। क्रेडिट साइक्लिंग करने वाले उपभोक्ताओं को मासिक सदस्यता या अन्य शुल्कों पर ध्यान देना चाहिए, जो अनजाने में सीमा को पार कर सकते हैं। कार्ड कंपनियां इसे मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध गतिविधियों का संकेत भी मान सकती हैं, जिससे उपयोगकर्ता की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकता है।
वैकल्पिक उपाय
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि क्रेडिट साइक्लिंग के बजाय उपभोक्ता अपनी कार्ड कंपनी से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग सकते हैं, नया क्रेडिट कार्ड खाता खोल सकते हैं या भुगतान को एक से अधिक कार्डों में बांट सकते हैं। विशेषज्ञों ने बिलिंग साइकिल के बीच में क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने की सलाह भी दी है, क्योंकि यह क्रेडिट उपयोगिता दर को कम करता है और क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। यह प्रक्रिया क्रेडिट साइक्लिंग से अलग है, क्योंकि इसमें निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने का इरादा नहीं होता है।
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क्रेडिट साइक्लिंग क्या है
क्रेडिट साइक्लिंग में यूजर्स अपनी क्रेडिट सीमा तक खर्च करते हैं और फिर जल्दी से बैलेंस का भुगतान कर देते हैं, जिससे अधिक खर्च करने की जगह बनती है। विशेषज्ञों के अनुसार कभी-कभार ऐसा करना बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन बार-बार क्रेडिट लिमिट का पूर्ण इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है।
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कार्ड कंपनियों के लिए जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ उपभोक्ता कम क्रेडिट सीमा के कारण क्रेडिट साइक्लिंग करते हैं। अन्य लोग खरीदारी के लिए रिवॉर्ड और पॉइंट्स को तेजी से बढ़ाने के लिए ऐसा करते हैं। लेकिन कार्ड जारी करने वाली कंपनी बार-बार ऐसा करने वालों को जोखिम के रूप में देखती है, क्योंकि यह उनके नियमों और शर्तों का उल्लंघन हो सकता है या वित्तीय कठिनाई का संकेत दे सकता है।
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क्रेडिट साइक्लिंग के परिणाम
यदि कार्ड जारीकर्ता कंपनी क्रेडिट साइक्लिंग करने वाले ग्राहक को दंडित करती है और उनका खाता बंद करती है, तो यह उनके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। क्रेडिट उपयोगिता दर, जो बकाया ऋण और क्रेडिट सीमा का अनुपात है, क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करती है। कम उपयोगिता दर क्रेडिट स्कोर को बेहतर करती है, जबकि उच्च दर इसे नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञ 30 फीसद से कम और आदर्श रूप से 10 फीसद से कम उपयोगिता दर की सलाह देते हैं।
जोखिम और संभावित जुर्माना
निरंतर क्रेडिट सीमा के करीब खर्च करने से गलती से सीमा को पार करने की संभावना बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप ओवर-लिमिट शुल्क या ब्याज दर में वृद्धि हो सकती है। क्रेडिट साइक्लिंग करने वाले उपभोक्ताओं को मासिक सदस्यता या अन्य शुल्कों पर ध्यान देना चाहिए, जो अनजाने में सीमा को पार कर सकते हैं। कार्ड कंपनियां इसे मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध गतिविधियों का संकेत भी मान सकती हैं, जिससे उपयोगकर्ता की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकता है।
वैकल्पिक उपाय
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि क्रेडिट साइक्लिंग के बजाय उपभोक्ता अपनी कार्ड कंपनी से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की मांग सकते हैं, नया क्रेडिट कार्ड खाता खोल सकते हैं या भुगतान को एक से अधिक कार्डों में बांट सकते हैं। विशेषज्ञों ने बिलिंग साइकिल के बीच में क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने की सलाह भी दी है, क्योंकि यह क्रेडिट उपयोगिता दर को कम करता है और क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। यह प्रक्रिया क्रेडिट साइक्लिंग से अलग है, क्योंकि इसमें निर्धारित सीमा से अधिक खर्च करने का इरादा नहीं होता है।
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