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महंगे क्रूड ने बढ़ाई मुश्किल: थोक महंगाई चार माह में सबसे ज्यादा, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से बढ़ी कीमतें
Tue, 19 Apr 2022 02:41 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 19 Apr 2022 02:41 AM IST
सार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल फरवरी में थोक महंगाई की दर 13.11 फीसदी और मार्च, 2021 में 7.89 फीसदी रही थी। मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, खनिज तेल और मूल धातुओं आदि की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मार्च, 2022 में महंगाई की दर ऊंची रही। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से भी महंगाई बढ़ी है।
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क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी।
- फोटो : iStock
विस्तार
कच्चे तेल और कमोडिटी (जिंस) की कीमतों में तेजी की वजह से थोक कीमतों पर आधारित (डब्ल्यूपीआई) महंगाई मार्च में बढ़कर 14.55 फीसदी पर पहुंच गई। यह थोक महंगाई का नवंबर, 2021 के बाद चार महीने का उच्च स्तर है। उस समय थोक महंगाई 14.87 फीसदी रही थी। हालांकि, मार्च में सब्जियों की कीमतों में कमी आई है।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल फरवरी में थोक महंगाई की दर 13.11 फीसदी और मार्च, 2021 में 7.89 फीसदी रही थी। मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, खनिज तेल और मूल धातुओं आदि की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मार्च, 2022 में महंगाई की दर ऊंची रही। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से भी महंगाई बढ़ी है। महंगाई बढ़ने की वजह से आरबीआई आने वाले दिनों में नीतिगत दरों में इजाफा कर सकता है।
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खाने-पीने की वस्तुओं के दाम घटे
आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में खाने-पीने की वस्तुओं के दाम घटने से आम लोगों को थोड़ी राहत मिली है। इस दौरान खाद्य महंगाई मामूली घटकर 8.06 फीसदी रही। फरवरी, 2022 में यह दर 8.19 फीसदी रही थी। सब्जियों की महंगाई दर फरवरी के 26.93 फीसदी से घटकर 19.88 फीसदी रही। इस दौरान दाल, गेहूं, धान, आलू, दूध, अंडा, मांस और मछली के दाम भी घटे हैं।
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ईंधन की कीमतें 35.42 फीसदी बढ़ीं
पिछले महीने ईंधन और बिजली के दाम 35.42 फीसदी बढ़ गए। कच्चे तेल की महंगाई मार्च में बढ़कर 83.56 फीसदी पहुंच गई, जो फरवरी में 55.17 फीसदी रही थी। इस दौरान विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 10.71 फीसदी पहुंच गई। फरवरी, 2022 में इन वस्तुओं की महंगाई दर 9.84 फीसदी रही थी।
डब्ल्यूपीआई लगातार 12वें महीने दहाई अंकों में
| अवधि | महंगाई दर |
| अप्रैल, 2021 | 10.44 फीसदी |
| मई, 2021 | 12.94 फीसदी |
| जून, 2021 | 12.07 फीसदी |
| जुलाई, 2021 | 11.16 फीसदी |
| अगस्त, 2021 | 11.39 फीसदी |
| सितंबर, 2021 | 10.66 फीसदी |
| अक्तूबर, 2021 | 12.54 फीसदी |
| नवंबर, 2021 | 14.23 फीसदी |
| दिसंबर, 2021 | 13.56 फीसदी |
| जनवरी, 2022 | 12.96 फीसदी |
| फरवरी, 2022 | 13.11 फीसदी |
| मार्च, 2022 | 14.55 फीसदी |
अप्रैल में 15 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान
सामान्य मानसून के अनुमान के बावजूद खाद्य तेल जैसे उत्पादों की कीमतों में पर्याप्त कमी नहीं हुई है। अप्रैल में थोक महंगाई 13.5-15 फीसदी के बीच रह सकती है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि चालू महीने के बाकी दिनों में कच्चे तेल की कीमतें कितनी रहती हैं। बढ़ती महंगाई आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के लिए विशेष रूप से चिंता की बात हो सकती है। - अदिति नायर, मुख्य अर्थशास्त्री, इक्रा