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कोरोना का असर: सेवा क्षेत्र की गतिविधियां आठ महीने में पहली बार घटीं

Fri, 04 Jun 2021 04:06 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 04 Jun 2021 04:06 AM IST
सार

  • महामारी के कारण बिक्री में 8 महीने बाद गिरावट, निर्यात पर भी दिखा असर
  • 46.4 रह गया सेवा पीएमआई मई में घटकर, जो अप्रैल में 54 था
  • कंपनियों की कारोबारी धारणा नौ महीने के निचले स्तर पर

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Corona Pandemic impact Services sector activities fall for the first time in eight months
सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

महामारी की दूसरी लहर और ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन की वजह से देश की सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में आठ महीनों में पहली बार गिरावट आई है। आईएचएस मार्किट की बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सेवा क्षेत्र का परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) मई में घटकर 46.4 रह गया, जो अप्रैल में 54 रहा था। पीएमआई का 50 से ज्यादा रहना वृद्धि और इससे नीचे का आंकड़ा संकुचन दिखाता है।

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आईएचएस मार्किट का कहना है कि संक्रमण बढ़ने के साथ नए कारोबार एवं उत्पादन में गिरावट से मई में देश के सेवा क्षेत्र को संघर्ष करना पड़ा। कंपनियों में विकास की संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। सकारात्मक कारोबारी धारणा भी नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनियां लागत मूल्य में लगातार वृद्धि के बावजूद मांग घटने के कारण ग्राहकों पर इसका बहुत कम बोझ डाल पा रही हैं। मांग में गिरावट का असर नौकरियों पर भी पड़ा है।
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बिक्री व अंतरराष्ट्रीय मांग में रही गिरावट
आईएचएस मार्किट की एसोसिएट अर्थशास्त्री पॉलियाना डी. लीमा ने कहा कि महामारी की तीव्रता और प्रतिबंधों ने घरेलू सेवा क्षेत्र के लिए घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मांग को कम कर दिया। दूसरे देशों से आने वाली मांग में सुस्ती की वजह से नए निर्यात कारोबार में नवंबर 2020 के बाद यानी छह महीने में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली।
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अक्तूबर के बाद सबसे तेज छंटनी
लीमा का कहना है कि बिक्री में गिरावट की वजह से कंपनियों ने मई में भी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। छंटनी की रफ्तार पिछले साल अक्तूबर के बाद सबसे तेज रही। यह जॉब मार्केट के लिए बुरी खबर है क्योंकि पिछले साल भी लाखों लोगों को महामारी की वजह से अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी थी। कारोबारी धारणा में गिरावट के कारण आने वाले महीनों में भी छंटनी के साथ वेतन कटौती का सिलसिला जारी रह सकता है।

मई में नियुक्ति गतिविधियां सुधार के रास्ते पर, दिल्ली-एनसीआर में गिरावट
देश की नियुक्ति गतिविधियों में इस साल अप्रैल के मुकाबले मई में सुधार देखने को मिला है। मार्च के मुकाबले अप्रैल में नियुक्ति गतिविधियों में 14.95 फीसदी की गिरावट रही थी। नौकरी जॉबस्पीक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई में आईटी एवं सॉफ्टवेयर क्षेत्र की नियुक्तियों में मासिक आधार पर 14 फीसदी तेजी रही। शिक्षा क्षेत्र की नियुक्तियों में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।


हालांकि, इस दौरान हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में 41 फीसदी, खुदरा क्षेत्र में 20 फीसदी, बैंकिंग/वित्तीय क्षेत्र में 15 फीसदी, एफएमसीजी क्षेत्र में 13 फीसदी और बीपीओ/आईटीईएस क्षेत्र में 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शहरों के लिहाज से पुणे में नियुक्तियां 12 फीसदी, बंगलूरू में 9 फीसदी और हैदराबाद में 4 फीसदी बढ़ीं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में 11 फीसदी की गिरावट रही।

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