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कोर सेक्टर ने की वापसी: नवंबर में 1.8% की बढ़त के साथ सुधरे हालात; सीमेंट-स्टील क्षेत्र ने भरी रफ्तार

Mon, 22 Dec 2025 05:36 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 22 Dec 2025 05:36 PM IST
सार

Core Sector Growth: नवंबर 2025 में कोर सेक्टर ने 1.8% की वृद्धि दर्ज कर वापसी की। सीमेंट और इस्पात उत्पादन में भारी उछाल, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में गिरावट जारी। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

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Core sectors grow by 1.8 pc in November against 5.8 pc in same month last year: Govt data
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

भारत के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा यानी कोर सेक्टर उद्योगों ने नवंबर 2025 में वापसी के मजबूत संकेत दिए। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था को राहत दी है, जिनके मुताबिक नवंबर में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 1.8% रही। यह आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि ठीक एक महीने पहले, यानी अक्तूबर में इन सेक्टरों की ग्रोथ नकारात्मक (-0.1%) दर्ज की गई थी। हालांकि, पिछले साल नवंबर में यह आकड़ा 5.8% था।
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सीमेंट और इस्पात क्षेत्र में रिकवरी से राहत
अर्थव्यवस्था के इस 'यू-टर्न' की कहानी मुख्य रूप से निर्माण और विनिर्माण क्षेत्रों के कंधों पर टिकी है। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर साफ होता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सेक्टरों ने ही बाजार को संभाला है। रिकवरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट उत्पादन में आया उछाल रहा, जिसने पिछले साल की तुलना में 14.5% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की। इसके साथ ही इस्पात क्षेत्र ने भी 6.1% की मजबूत बढ़त के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। कृषि और बिजली क्षेत्र के लिए अच्छी खबर यह रही कि उर्वरक उत्पादन में 5.6% और कोयला उत्पादन में 2.1% का इजाफा देखने को मिला।
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ऊर्जा क्षेत्र में कमजोरी
हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक है। जहां एक ओर निर्माण सामग्री में तेजी है, वहीं ऊर्जा से जुड़े प्रमुख क्षेत्र अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। कच्चे तेल के उत्पादन में 3.2% और प्राकृतिक गैस में 2.5% की गिरावट ने यह संकेत दिया है कि सुधार अभी पूरी तरह से व्यापक नहीं है। इसके अलावा, बिजली उत्पादन में 2.2% और रिफाइनरी उत्पादों में 0.9% की मामूली कमी दर्ज की गई, जो औद्योगिक गतिविधियों की गति को लेकर सवाल खड़े करती है।
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अप्रैल से नवंबर का हाल
अगर नजरिया थोड़ा व्यापक करें, तो मौजूदा वित्त वर्ष (2025-26) के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में कोर सेक्टर का कुल उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 2.4% बढ़ा है। लंबी अवधि के इन आंकड़ों में भी बाजी इस्पात (9.7% वृद्धि) और सीमेंट (8.2% वृद्धि) के हाथ ही लगी है। इसके विपरीत, इसी अवधि में कोयला (-1.4%), कच्चा तेल (-1.3%), प्राकृतिक गैस (-3.0%) और बिजली (-0.3%) लगातार दबाव में रहे हैं। चूंकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में इन आठ कोर सेक्टरों की हिस्सेदारी 40.27% है, इसलिए नवंबर का यह सकारात्मक आंकड़ा आने वाले आईआईपी (IIP) डेटा के लिए शुभ संकेत माना जा सकता है।

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