{"_id":"6593dfe3e39b103053061056","slug":"closure-of-sterlite-copper-unit-in-tamil-nadu-sc-to-consider-hearing-plea-of-vedanta-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: तमिलनाडु में स्टरलाइट कॉपर इकाई बंद करने का मामला, वेदांता की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Supreme Court: तमिलनाडु में स्टरलाइट कॉपर इकाई बंद करने का मामला, वेदांता की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय
Tue, 02 Jan 2024 03:35 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 02 Jan 2024 03:35 PM IST
सार
Supreme Court: भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने वेदांता समूह की कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की दलीलों पर ध्यान दिया जिसमें कहा गया था कि मामले में सुनवाई की जरूरत है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
उच्चतम न्यायालय मंगलवार को तमिलनाडु के तूत्तुक्कुडि में वेदांता समूह की स्टरलाइट कॉपर इकाई को बंद करने से संबंधित याचिका पर सुनवाई पर विचार करने के लिए सहमत हो गया। भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने वेदांता समूह की कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की दलीलों पर ध्यान दिया जिसमें कहा गया था कि मामले में सुनवाई की जरूरत है।
विज्ञापन
वरिष्ठ वकील ने कहा कि मामले में सुनवाई 22 जनवरी को सूचीबद्ध की गई है। उन्होंने पीठ से आग्रह किया कि उसी दिन मामले की सुनवाई की जाए। सीजेआई ने कहा कि दिन के दौरान यह सुनिश्चित करने के बाद कि क्या कोई संवैधानिक पीठ का मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, पार्टियों के वकील को इस बारे में जानकारी दे दी जाएगी।
विज्ञापन
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने कहा था कि उसने रजिस्ट्रार को वेदांता समूह की याचिका पर सुनवाई के लिए “दो विशेष तिथियां” आवंटित करने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने मई में तमिलनाडु सरकार से शीर्ष अदालत के 10 अप्रैल के उस निर्देश के अनुपालन के तहत एक जून तक उचित फैसला करने को कहा, जिसमें उसने वेदांता समूह को स्थानीय स्तर की निगरानी समिति की देखरेख में तूत्तुक्कुडि में अपनी स्टरलाइट कॉपर इकाई के रखरखाव की अनुमति दी थी। शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल के अपने आदेश में संयंत्र में बचे हुए जिप्सम को बाहर निकालने और कंपनी के अनुरोध पर आवश्यक श्रमशक्ति उपलब्ध कराने की भी अनुमति दी थी।
विज्ञापन