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CEA: सीईए नागेश्वरन ने कहा- अनिश्चित समय में सुरक्षा का मार्जिन बनाए रखने की जरूरत

Fri, 17 Mar 2023 06:13 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 17 Mar 2023 06:13 AM IST
सार

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के कार्यक्रम में सीईए ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के जनवरी के वैश्विक विकास अनुमान पुराने लग रहे हैं। देशों को यह देखना होगा कि पिछले सप्ताह अमेरिका में हुए घटनाक्रम के प्रभाव क्या होंगे।

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CEA Nageswaran said need to maintain margin of safety in uncertain times
सीईए वी अनंत नागेश्वरन। - फोटो : ANI

विस्तार

मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका में हाल के घटनाक्रमों के बाद वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है और सरकारों, व्यवसायों व व्यक्तियों को राजकोषीय, कॉरपोरेट और बचत खाता योजना में 'सुरक्षा का मार्जिन' रखना चाहिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप अनिश्चित समय का सामना कर रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना है कि हमारे संचालन में सुरक्षा का मार्जिन हो, चाहे वह कॉरपोरेट्स के लिए हो या निवेशकों के लिए।

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रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के कार्यक्रम में सीईए ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के जनवरी के वैश्विक विकास अनुमान पुराने लग रहे हैं। देशों को यह देखना होगा कि पिछले सप्ताह अमेरिका में हुए घटनाक्रम के प्रभाव क्या होंगे। अनिश्चितता बढ़ रही है और पिछले सप्ताह में कुछ पायदान ऊपर चली गई है। यह ऐसी चीज है, जिसके साथ देशों को न केवल इस वर्ष बल्कि आगे भी सावधान रहने की आवश्यकता है।
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6 फीसदी की धीमी रफ्तार से बढ़ेगी जीडीपी: क्रिसिल
देश की अर्थव्यवस्था 2023-24 में 6 फीसदी की धीमी रफ्तार से बढ़ सकती है। घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का यह अनुमान अर्थव्यवस्था की वृद्धि के बारे में लगाए गए अन्य आकलन के समान है। एजेंसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले पांच वित्त वर्ष में भारत की औसत आर्थिक वृद्धि दर 6.8 फीसदी रहेगी।

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  • हालांकि, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अगले साल 7 फीसदी की विकास दर की उम्मीद का अनुमान लगाया है। चालू तिमाही में इसके 4.5 फीसदी की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
  • क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी के जोशी ने कहा, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, लगातार ऊंची महंगाई व इसका मुकाबला करने के लिए ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी ने वैश्विक परिवेश को और अधिक निराशाजनक बना दिया है।
  • मई, 2022 से नीतिगत दर रेपो में 2.5 फीसदी वृद्धि का प्रभाव अगले वित्त वर्ष में अधिक देखने को मिलेगा। महंगाई औसतन 5 फीसदी रह सकती है। 


फेड रिजर्व के फैसलों का करना होगा इंतजार
अगर पिछले हफ्ते हुए घटनाक्रम से फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोकने की जरूरत पैदा होती है तो हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि अमेरिका में वास्तविक ब्याज दरों का क्या होता है और इसका अमेरिकी डॉलर पर क्या असर होगा। साथ ही, उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।



सीईए ने कहा, मुझे विश्वास है कि एक अर्थ में यह सकारात्मक होगा। यानी, उनकी मुद्राओं पर दबाव कम हो जाएगा। अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को बढ़ाया तो हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि यह अन्य बैंकिंग संस्थानों व समग्र अर्थव्यवस्था आदि पर किस प्रकार का प्रभाव पैदा कर सकता है।

मजबूती से खड़ी रहेगी अर्थव्यवस्था : उदय कोटक
कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ उदय कोटक ने कहा, भले ही वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल जारी है, पर भारत के लिए मैक्रो हालत बेहतर हो रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से खड़ी रहेगी। वित्त वर्ष 2023 में चालू खाता घाटा 2.5 फीसदी से नीचे और वित्त वर्ष 2024 में 2 फीसदी से नीचे जा रहा है।

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