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Co-Location Scam: चित्रा और नारायण के खिलाफ सेबी का बर्खास्तगी निर्देश एसएटी ने किया रद्द, सीबीआई कर रही जांच
Mon, 23 Jan 2023 11:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 23 Jan 2023 11:11 PM IST
सार
एसएटी ने 30 अप्रैल, 2019 को जारी सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के निर्देश को रद्द कर दिया। इसमें नारायण को वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2012-13 तक के वेतन का 25 प्रतिशत निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में जमा करने का निर्देश दिया गया था।
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सीबीआई(सांकेतिक)
- फोटो : Social media
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विस्तार
को लोकेशन घोटाले में एनएसई की पूर्व सीईओ और एमडी चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण के खिलाफ सेबी के बर्खास्तगी निर्देशों को प्रतिभूति अपीलीय न्यायधिकरण (एसएटी) ने सोमवार को रद्द कर दिया। सीबीआई अब इस आदेश की जांच कर रही है।
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एसएटी ने 30 अप्रैल, 2019 को जारी सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के निर्देश को रद्द कर दिया। इसमें नारायण को वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2012-13 तक के वेतन का 25 प्रतिशत निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में जमा करने का निर्देश दिया गया था। एसएटी ने चित्रा रामकृष्ण को वित्त वर्ष 2013-14 के वेतन का 25 प्रतिशत वापस करने का निर्देश दिया था। चित्रा व नारायण ने सेबी के निर्देशों को एसएटी में चुनौती दी थी। दोनों की अर्जियों को स्वीकार करते हुए एसएटी ने सेबी के निर्देशों को रद्द करने का आदेश दिया। सेबी ने दोनों को किसी भी सूचीबद्ध कंपनी या बाजार अवसंरचना संस्थान या किसी अन्य बाजार मध्यस्थ के साथ पांच साल की अवधि के लिए संबद्ध करने से रोक दिया था। अधिकारियों ने कहा, एक नियामक संस्था और सीबीआई जैसी जांच एजेंसी का दृष्टिकोण व दायरा अक्सर अलग होता है।
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एसएटी ने आदेश में कहा, को-लोकेशन तकनीक नारायण और रामकृष्ण की समग्र निगरानी में की गई थी और इसलिए, वे कुछ क्षेत्रों की निगरानी में हुई चूक के लिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। हालांकि, हम पाते हैं कि ऐसा कोई तथ्य नहीं है जो यह साबित करे कि रवि नारायण या चित्रा रामकृष्ण ने अनुचित लाभ कमाया। जबकि धारा 11 और 11बी के तहत वसूली का आदेश जारी करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण शर्त है। तथ्यों के आभाव में इस मामले में वसूली का कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। सीबीआई ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को-लोकेशन घोटाला मामले में 2018 की प्राथमिकी के संबंध में 6 मार्च, 2022 को रामकृष्ण को गिरफ्तार किया था।
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