फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   cars, cold drink and tobacco products can become costly, as government wants to increase gst revenue

महंगे हो सकते हैं कोल्ड ड्रिंक, कारें और तंबाकू उत्पाद, जीएसटी काउंसिल जल्द लेगा फैसला

Wed, 04 Dec 2019 04:07 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 04 Dec 2019 04:07 PM IST
विज्ञापन
cars, cold drink and tobacco products can become costly, as government wants to increase gst revenue
अगले साल से कारें, तंबाकू और कोला उत्पाद महंगे हो सकते हैं। जीएसटी परिषद की 15 दिसंबर को होने वाली बैठक में इस बात का फैसला लिया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार को जीएसटी से उतनी आय नहीं हुई, जितना उसने सोचा था। जीएसटी से सरकार को होने वाली आय में लगातार गिरावट हो रही है। 
विज्ञापन

जीएसटी परिषद ने भेजा राज्यों को पत्र

जीएसटी परिषद ने टैक्स बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों को एक पत्र भेजा है, जिसमें कई तरह के सुझाव दिए गए हैं। आरबीआई ने हाल ही में बताया था कि जीएसटी रेट मई 2017 में 14.4 फीसदी था, जो इस वक्त 11.6 फीसदी हो गया। 
विज्ञापन

इन उत्पादों पर बढ़ सकता है सेस

सरकार ने कमाई बढ़ाने के लिए ऐसे उत्पादों पर सेस लगाने के लिए भी प्रस्ताव दिया, जिनकी बिक्री तो ज्यादा होती है, लेकिन उसका लाभ सरकार को नहीं मिलता है। इन उत्पादों में कारें, कोला और तंबाकू उत्पाद शामिल हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इतनी हुई थी जीएसटी से कमाई

नवंबर महीने में जीएसटी के तहत 1.03 लाख करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ था। इसमें केंद्रीय जीएसटी का हिस्सा 19,592 करोड़ रुपये रहा, जबकि राज्य जीएसटी 27,144 करोड़ रुपये हिस्सा रहा था। एकीकृत माल और सेवा कर के रूप में 49,028 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उपकर के रूप में 7,727 करोड़ रुपये मिले।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस बार नवंबर में केंद्रीय जीएसटी से वसूली 19,592 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी से 27,144 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी से 49,028 करोड़ रुपये और जीएसटी उपकर से वसूली 7,727 करोड़ रुपये रही। एकीकृत जीएसटी में से 20,948 करोड़ रुपये आयात से वसूल हुए। इसी तरह उपकर की वसूली में 869 करोड़ रुपये आयातित माल पर उपकर से प्राप्त हुए।

इससे पहले सितंबर और अक्तूबर महीने में जीएसटी संग्रह में सालाना आधार पर गिरावट आई थी। बयान में कहा गया कि नवंबर में घरेलू लेन-देन पर जीएसटी संग्रह में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। यह इस साल जीएसटी राजस्व में सबसे अच्छी मासिक वृद्धि है।

अक्तूबर महीने में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ से कम रहा। पिछले महीने की तुलना में यह 5.29 फीसदी कम रहा। अक्तूबर माह में केंद्र व राज्य सरकारों को कुल 95,380 करोड़ का राजस्व जीएसटी से प्राप्त हुआ। यह लगातार तीसरी बार है, जब जीएसटी संग्रह में कमी देखने को मिली है। 

जीएसटी संग्रह में लगातार कमी से एक्शन में सरकार

वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में लगातार कमी को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। सरकार ने इस क्रम में जीएसटी राजस्व संग्रह और प्रशासन में सुधार के वास्ते कदम सुझाने के लिए अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है।

एक आधिकारिक आदेश में कहा गया, ‘समिति को व्यापक सुधारों पर विचार करना चाहिए, जिससे सुझावों की एक समग्र सूची सामने आ सकती है।’ समिति के विचारार्थ विषयों में दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी बदलाव और स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार के उपाय सहित जीएसटी में व्यवस्थित बदलाव के बारे में सुझाव देना शामिल है।


इसके अलावा समिति को कर आधार बढ़ाने के लिए किए जाने वाले उपायों पर सलाह देने के लिए भी कहा गया है। आदेश में कहा गया कि नीतिगत उपाय किए जाने और कानून में बदलाव करने, अनुपालन निगरानी में सुधार और बेहतर डाटा विश्लेषण के इस्तेमाल और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के द्वारा कर चोरी रोकना भी समिति की विषय सूची में शामिल है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed