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Aviation Minister: ज्योतिरादित्य सिंधिया का एलान, 2024 तक देश के 90 से अधिक एयरपोर्ट कार्बन न्यूट्रल बनेंगे
Tue, 20 Sep 2022 07:42 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Tue, 20 Sep 2022 07:42 PM IST
सार
केंन्द्रीय मंत्री ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान बोलते हुए कहा है कि वर्तमान में देश में 141 एयरपोर्ट हैं। इनमें से कोच्ची और दिल्ली के एयरपोर्ट पहले से ही कार्बन न्यूट्रल हैं।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
Zero Carbon Emission: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा है कि देश के 90 से अधिक हवाइ अड्डे वर्ष 2024 तक कार्बन न्यूट्रल बन जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या 220 तक पहुंच जाएगी।
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केंन्द्रीय मंत्री ने अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान बोलते हुए कहा है कि वर्तमान में देश में 141 एयरपोर्ट हैं। इनमें से कोच्ची और दिल्ली के एयरपोर्ट पहले से ही कार्बन न्यूट्रल हैं।
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उन्होंने कहा कि जब मैंने उड्डयन मंत्री के रूप में पदभार संभाला था, तब मैंने जो पहला काम किया था वह था हमारे हवाई अड्डों की कार्बन मैपिंग प्रोफाइलिंग। इसमें यह बात सामने आई कि हमारे दो हवाई अड्डे दिल्ली और कोच्चि पहले से ही कार्बन-न्यूट्रल हैं और वर्ष 2024 तक देश में इनकी संख्या 92 से 93 होगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने वर्ष 2030 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
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वर्ष 2030 तक हवाई यात्रियों की संख्या भी बढ़कर 400 मिलियन पर पहुंचेगी
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए यह भी कहा कि वर्ष 2030 तक भारत के हवाई अड्डे ना केवल शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करेंगे, बल्कि ये 400 मिलियन हवाई यात्रियों का लक्ष्य भी हासिल कर लेंगे। वर्तमान में हमाने पास 200 मिलियन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाईयात्री हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या को सही ढंग से सेवा मुहैया कराने के लिए जमीनी स्तर पर संसाधनों को ओर दुरुस्त करने और उन्हें बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘पिछले आठ वर्षों में, देश में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 141 हो गई है और अगले पांच वर्षों में यह बढ़कर 220 हो जाएगी।’
ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- समय सबसे दुर्लभ
सिंधिया ने कहा, 'एक चीज जो हर इंसान के लिए दुर्लभ है, वह है समय। अब नौ-10 घंटे की यात्रा करना, छुट्टी पर दो दिन बिताना और इतने ही घंटे फिर से यात्रा करना एक विलासिता के समान है। केंद्रीय मंत्री ने विमानन क्षेत्र में एक पारिस्थितिकीय तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कोलकाता से लंदन की सीधी फ्लाइट की मांग, तृणमूल के प्रतिनिधि एविएशन मिनिस्टर से मिले
तृणमूल कांग्रेस के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर कोलकाता-लंदन के लिए सीधी उड़ान और पुरुलिया के छर्रा में एक अतिरिक्त हवाई अड्डे की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में सांसद सुदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओ ब्रायन, सौगात रॉय और सुखेंदु शेखर रॉय शामिल थे। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल से एयर कनेक्टिविटी बेहतर करने की मांग की है।
मुलाकात के बाद वरिष्ठ नेता सौगात रॉय ने कहा कि हमने नागर विमानन मंत्री से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल के मालदा, बालुरघाट, कूच बिहार, अंडाल और पुरुलिया के छर्रा में एक प्रस्तावित एयरपोर्ट के विकास पर बातचीत की है। डेलिगेशन ने बागडोगरा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा देने की भी मांग की है।
सौगात रॉय के अनुसार केंन्द्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया है कि इस बार सर्दियों में कोलकाता से कूच बिहार के बीच फ्लाइट शुरू हो जाएगी। यह सेवा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार के लिए चलाई जा रही उड़ान स्कीम तहत शुरू की जाएगी। इसके लिए 19 सीटों वाले विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा।
रॉय के अनुसार अंडाल एयरपोर्ट के मसले पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि चूंकि जमीन सरकार की नहीं है, इसलिए इसे कोई केंद्रीय धन आवंटित नहीं किया जा सकता है। बता दें कि अंडाल एयरपोर्ट की 26 फीसदी भूमि का स्वामित्व सरकार के पास है जबकि बाकी जमीन निजी पार्टियों की है।