Biz Updates: यूएस के साथ व्यापार में दोहरी नीति अपनाए भारत; नीति आयोग ने दिया ये सुझाव
आयोग ने 'नई अमेरिकी व्यापार व्यवस्था के तहत भारत-अमेरिका कृषि व्यापार को बढ़ावा देना' शीर्षक से जारी एक कार्य पत्र यह सुझाव दिए हैं। इसमें यह भी कहा है कि भारत के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता के खिलाफ उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। कार्य पत्र में आगे कहा, अब दोहरे दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
अल्पावधि में, भारत को गैर-संवेदनशील आयातों पर उच्च टैरिफ को चुनिंदा रूप से कम करने और पोल्ट्री जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर गैर-टैरिफ सुरक्षा उपायों पर बातचीत करने पर विचार करना चाहिए। आयोग ने यह सुझाव दिया है कि भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक है और अमेरिका के पास जीएम सोयाबीन का विशाल निर्यात अधिशेष है। ऐसे में भारत अमेरिका को सोयाबीन तेल के आयात में कुछ रियायत दे सकता है।
यूबीएस ने भारत के वृद्धि अनुमान को 0.4% बढ़ाकर 6.4 फीसदी किया
स्विट्जरलैंड की ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को बढ़ाकर 6.4 फीसदी कर दिया। पहले इसके 6 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। इससे पता चलता है कि व्यापार युद्ध के बावजूद भारत में आर्थिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
यूबीएस ने कहा, घरेलू मांग की अच्छी स्थिति, चीन से होने वाले आयात पर शुल्क में संभावित ढील, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की उम्मीद और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कम कीमतों के आधार पर जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाया गया है। ब्रोकरेज कंपनी ने उम्मीद जताई कि अनुकूल मानसून और कम खाद्य कीमतों की संभावनाओं के साथ घरेलू उपभोग में व्यापक वृद्धि होगी। कम महंगाई और रेपो दर में कटौती से शहरी मांग में सुधार होगा।
पाम तेल आयात मई में छह महीने के उच्च स्तर पर
देश में पाम तेल आयात मासिक आधार पर 87 फीसदी बढ़कर मई, 2025 में छह महीने के उच्च स्तर 6 लाख टन पर पहुंच गया। नवंबर, 2024 के बाद यह सबसे अधिक है। कम भंडार और सोया तेल व सूरजमुखी तेल की तुलना में ज्यादा छूट से रिफाइनरों ने पाम तेल की जमकर खरीदी की।
महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को गति देने के तरीकों पर भारत-ब्रिटेन ने किया विचार
भारत और ब्रिटेन ने रक्षा, सुरक्षा, आंतकवाद से मुकाबले और हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और गति देने के लिए मंगलवार को विचार-विमर्श किया। 17वें भारत-ब्रिटेन विदेश कार्यालय विचार-विमर्श (एफओसी) पहले रणनीतिक निर्यात और तकनीकी सहयोग वार्ता के दौरान संबंधों को मजबूत करने के रास्ते तलाशने पर भी चर्चा की।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे थे जबकि ब्रिटेन की टीम का नेतृत्व वहां के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय के स्थायी अवर सचिव सर ओलिवर रॉबिंस कर रहे थे। एफओसी बैठक के दौरान मिस्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ब्रिटेन की ओर से भारत को मिले सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। भारत और ब्रिटेन समग्र रणनीतिक साझेदारी हैं। विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों की बातचीत के बाद जारी बयान में कहा, एफओसी ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा और चर्चा करने का अवसर उपलब्ध कराया है। दोनों पक्षों ने भारत-ब्रिटेन में मुक्त व्यापार समझौते के अंतिम परिणाम पर पहुंचने का स्वागत किया।
फ्लिपकार्ट इन्वेस्टमेंट्स ने आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी में बेची 6% फीसदी हिस्सेदारी
ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट की इकाई फ्लिपकार्ट इन्वेस्टमेंट्स ने बुधवार को आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल में अपनी पूरी छह प्रतिशत हिस्सेदारी 583 करोड़ रुपये में बेच दी। इस बिकवाली के बाद, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल (एबीएफआरएल) के शेयर एनएसई पर लगभग 11 प्रतिशत गिरकर 76.94 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। फ्लिपकार्ट इन्वेस्टमेंट्स, फ्लिपकार्ट प्राइवेट लिमिटेड (FPL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। एफपीएल अमेरिका स्थित वॉलमार्ट समूह से जुड़ा है।
ब्लॉक डील के अनुसार, एबीएफआरएल के 7.31 करोड़ इक्विटी शेयर 79.50 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे गए। पीटीआई की ओर से समीक्षा की गई टर्म शीट के अनुसार, मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर एबीएफआरएल के 86 रुपये के बंद भाव पर 7.6 प्रतिशत की छूट के साथ यह सौदा किया गया। गोल्डमैन सैक्स इस सौदे के लिए एकमात्र बुकरनर है।
इस लेनदेन में लगभग 73.17 मिलियन शेयरों (7.31 करोड़ शेयर) की बिक्री होगी। यह मुंबई स्थित एबीएफआरएल की लगभग 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे का आकार 583 करोड़ रुपये (68.1 मिलियन अमेरिकी डॉलर) होने का अनुमान है। यह सौदा एनएसई और बीएसई पर एक या एक से अधिक ब्लॉक डील्स के माध्यम से निष्पादित होगा।
स्पेन में भी बिकेंगे अमूल के उत्पाद, जीसीएमएमएफ ने कोवैप के साथ की साझेदारी
गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड (अमूल) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने स्पेन और यूरोपीय संघ में अमूल दूध लॉन्च करने के लिए स्पेन की प्रथम श्रेणी की सहकारी संस्था कोआपरेटिवा गनेडेरा डेल वैले डे लॉस पेड्रोचेस (कोवैप) के साथ साझेदारी की है।
अमूल ने एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से अमूल दूध को शुरुआत में मैड्रिड, बार्सिलोना और उसके बाद पुर्तगाल के मालागा, वालेंसिया, एलिकांटे, सेविले, कॉर्डोबा और लिस्बन में लॉन्च किया जाएगा।
"हम एक बहुत ही प्रतिष्ठित स्पेनिश डेयरी सहकारी संस्था COVAP के साथ जुड़कर बहुत सम्मानित और प्रसन्न हैं। यह सहयोग सुनिश्चित करेगा कि हमारे सभी स्पेनिश उपभोक्ताओं को अमूल दूध की अच्छाइयों से पोषण और ऊर्जा मिलेगी।
अमूल के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा, "यह पहली बार है कि अमूल ताजा दूध यूरोप में लॉन्च किया जा रहा है। अमूल में हमें विश्वास है कि 2025 में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में, हमारी टीम अमूल ब्रांड को दुनिया भर में हर भारतीय के करीब लाएगी और सहकारी समितियों के बीच सहयोग की शक्ति का प्रदर्शन करेगी।"