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Biz Updates: दिसंबर 2024 में चीन का निर्यात 10.7% बढ़ा; ट्रंप के व्यापार शुल्क लगाने की चेतावनी के बीच बढ़ोतरी

Mon, 13 Jan 2025 10:01 AM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, बीजिंग/नई दिल्ली
पीटीआई, बीजिंग/नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 13 Jan 2025 10:01 AM IST
सार

विश्लेषकों का अनुमान था कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में आयात में करीब 1.5 प्रतिशत की कमी आएगी। गौरतलब है कि ट्रंप ने चीन की उन वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने का संकल्प किया है, जिनका उपयोग निर्यातक वर्तमान में अमेरिका में अपने उत्पादों को सस्ते दामों पर बेचने के लिए करते हैं।

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Business Updates: China exports in December grew over 10 percent beating estimates as higher US tariffs loom
डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई

विस्तार

चीन के निर्यात में दिसंबर 2024 में सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार शुल्क लगाने की चेतावनी से उत्पन्न अनिश्चितता के बीच चीन के कारखानों ने ऑर्डरों को पूरा करने में तेजी दिखाई। चीन का निर्यात दिसंबर 2024 में सात प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था, लेकिन यह उससे बेहतर रहा। इस अवधि में चीन का आयात भी अनुमान से अधिक रहा और इसमें एक प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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विश्लेषकों का अनुमान था कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में आयात में करीब 1.5 प्रतिशत की कमी आएगी। गौरतलब है कि ट्रंप ने चीन की उन वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने का संकल्प किया है, जिनका उपयोग निर्यातक वर्तमान में अमेरिका में अपने उत्पादों को सस्ते दामों पर बेचने के लिए करते हैं।

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डॉलर बनाम रुपया - फोटो : अमर उजाला

रुपया शुरुआती कारोबार में सर्वकालिक निचले स्तर पर
रुपये में गिरावट का सिलसिला सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में जारी रहा और अस्थिर वैश्विक संकेतों के बीच मजबूत अमेरिकी मुद्रा के कारण वह 27 पैसे टूटकर 86.31 प्रति डॉलर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.12 प्रति डॉलर पर खुला। शुरुआती सौदों के बाद डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले स्तर 86.31 पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 27 पैसे की भारी गिरावट दर्शाता है।

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

भारत वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वित्त पोषण के लिहाज से विश्व में तीसरे स्थान पर
भारत वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हासिल वित्त पोषण के लिहाज से वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। हालांकि, 2024 में वित्त पोषण सालाना आधार पर 33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.9 अरब डॉलर रह गया। ‘मार्केट इंटेलिजेंस’ कंपनी ट्रैक्सन की भारत की वित्तीय प्रौद्योगिकी वार्षिक रिपोर्ट 2024 के अनुसार, मांग में व्यापक मंदी और भू-राजनीतिक प्रतिकूलताओं के कारण इस क्षेत्र में वित्त पोषण में गिरावट देखी गई।

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प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अबतक 15.88 प्रतिशत बढ़कर 16.90 लाख करोड़ रुपये पर

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अबतक 15.88 प्रतिशत बढ़कर लगभग 16.90 लाख करोड़ रुपये रहा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आंकड़ों के अनुसार, गैर-कंपनी कर संग्रह 8.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इसमें मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर कर शामिल है। चलू वित्त वर्ष में अबतक (12 जनवरी, 2025 तक) शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह लगभग 7.68 लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं शुद्ध रूप से प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 44,538 करोड़ रुपये रहा है।

इस अवधि के दौरान 3.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 'रिफंड' जारी किए गए। यह एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 42.49 प्रतिशत अधिक है। एक अप्रैल से 12 जनवरी के बीच सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 20 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट कर संग्रह, 11.87 लाख करोड़ रुपये का व्यक्तिगत आयकर और अन्य कर शामिल हैं।

देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 16 प्रतिशत बढ़कर 210 गीगावाट के करीब पहुंची

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता दिसंबर, 2024 तक 15.84 प्रतिशत बढ़कर 209.44 गीगावाट हो गई। सोमवार को जारी एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई। स्थापित क्षमता में यह रिकॉर्ड बढ़ोतरी है। एक साल पहले दिसंबर, 2023 तक स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 180.80 गीगावाट थी। वर्ष 2024 के दौरान जोड़ी गई कुल क्षमता एक साल पहले जोड़े गए 13.05 गीगावाट से दोगुनी से अधिक 28.64 गीगावाट हो गई।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के बयान के मुताबिक, वर्ष 2024 में सौर ऊर्जा क्षमता में 24.54 गीगावाट की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई। सौर ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता सालाना आधार पर 33.47 प्रतिशत बढ़कर 97.86 गीगावाट हो गई। वर्ष 2024 में पवन ऊर्जा में 3.42 गीगावाट की वृद्धि हुई, जिससे कुल पवन क्षमता 48.16 गीगावाट हो गई, जो सालाना आधार पर 7.64 प्रतिशत अधिक है। जैव-ऊर्जा की स्थापित क्षमता दिसंबर 2023 के 10.84 गीगावाट से बढ़कर पिछले साल दिसंबर में 11.35 गीगावाट हो गई। छोटी पनबिजली परियोजनाओं की स्थापित क्षमता वर्ष 2023 के 4.99 गीगावाट से बढ़कर वर्ष 2024 में 5.10 गीगावाट हो गई। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी के नेतृत्व में एमएनआरई वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को हासिल करने के प्रयासों में लगा हुआ है।
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