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बजट 2020: हलवा रस्म के बाद सोमवार से शुरू होगा बजट छपाई का काम

Sat, 18 Jan 2020 07:36 PM IST
paliwal पालीवाल बजट डेस्क, अमर उजाला
बजट डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Sat, 18 Jan 2020 07:36 PM IST
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budget 2020 halwa ceremony to begin on monday, printing of documents will be started
halwa ceremony file photo 2019 - फोटो : ANI

वित्त वर्ष 2020-21 के आम बजट की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में 20 जनवरी को हलवा बनाने की रस्म के साथ बजट के दस्तावेजों की छपाई शुरू हो जाएगी। सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। नॉर्थ ब्लॉक में हलवा बनाने की रस्म के दौरान वित्त मंत्री के अलावा मंत्रालय के आला अधिकारी और क्लर्क मौजूद रहेंगे। 

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इस दौरान कई मंत्री भी उपस्थित होंगे। हर साल बजट के लिए उसके दस्तावेजों की छपाई से पहले हलवा बनाने की परंपरा चली आ रही है। हलवा तैयार होने के बाद इसका वितरण वित्त मंत्री समेत अन्य मंत्रियों और अधिकारियों में होता है। सामान्य तौर पर हलवा बनाने की रस्म में बजट निर्माण में लगे अधिकारी ही शामिल होते हैं।
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हलवा बनने के बाद से वित्त मंत्रालय के 50 से अधिक लोग बजट बनाने में दिन रात लग जाते हैं। बजट पेश होने से लगभग एक सप्ताह पहले से तो इन लोगों को 24 घंटे नॉर्थ ब्लॉक में ही गुजारना पड़ता है। एक बार कैद होने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लोक सभा में बजट पेश करने के बाद ही इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत मिलती है। 

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पूरी तरह से गोपनीय होती है छपाई

बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते हैं। इन 50 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है। 

सुरक्षा होती है चाक-चौबंद

इस दौरान वित्त मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होती है। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वित्त मंत्रालय में नहीं होता है। इस दौरान छपाई से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को भी बाहर आने या फिर अपने सहयोगियों से मिलने की भी मनाही होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है।

लीक न हो कोई खबर

वित्त मंत्रालय में खुफिया विभाग से लेकर के साइबर सिक्योरिटी सेल सबका पहरा रहता है। इन 10 दिनों तक मंत्रालय के अंदर कोई भी मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है। 

तैनात रहती है डॉक्टरों की टीम

वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी कर्मचारी के बीमार पड़ने पर उसे वहीं पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है। 

कट जाता है इंटरनेट कनेक्शन

जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उनसे इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की हैकिंग का डर नहीं रहता है। इन कंप्यूटरों को केवल प्रिंटर और छपाई मशीन से कनेक्ट करके रखा जाता है। वित्त मंत्रालय के जिस हिस्से में प्रिंटिंग प्रेस स्थित है, वहां पर केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को जाने की इजाजत होती है। 

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