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BRICS: ब्रिक्स देशों के व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर जोर, नया कोटा फॉर्मूला अपनाने का भी आह्वान
Tue, 11 Jun 2024 08:36 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 11 Jun 2024 08:36 AM IST
सार
रूस के निजनी नोवगोरोड में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की एक बैठक हुई। इस दौरान ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और वित्तीय लेनदेन में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर चर्चाएं हुईं।
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ब्रिक्स के सदस्य
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
ब्रिक्स देशों ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय लेन-देन में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही इन देशों ने नियम आधारित खुले एवं पारदर्शी वैश्विक व्यापार के लिए प्रतिबद्धता जताई।
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ब्रिक्स की एक बैठक हुई
बता दें, रूस के निजनी नोवगोरोड में ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की एक बैठक हुई। इस दौरान ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और वित्तीय लेनदेन में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर चर्चाएं हुईं। बैठक में मंत्रियों ने माना कि वैश्विक वित्तीय संरचना के सुधार की आवश्यकता है।
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नेताओं को रिपोर्ट करने का काम
संयुक्त बयान के अनुसार, 'उन्होंने जोहानिसबर्ग द्वितीय घोषणापत्र के पैराग्राफ 45 का जिक्र किया, जिसमें ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को स्थानीय मुद्राओं, भुगतान उपकरणों और मंचों के मुद्दे पर विचार करने और ब्रिक्स नेताओं को रिपोर्ट करने का काम सौंपा गया है।'
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इन मांगों को भी दोहराया
इसके अलावा, विदेश मंत्रियों ने सीओपी27 में की गई मांग को दोहराया कि यह गारंटी दी जाए कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान सुधार में वित्तपोषण के दायरे का विस्तार करने और संसाधनों तक आसान पहुंच को सुविधाजनक बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने अनुमान लगाया कि 2025 इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट शेयरधारक समीक्षा एक बड़ी सफलता होगी।
नया कोटा फॉर्मूला अपनाने पर जोर
विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक के अंत में जारी एक संयुक्त बयान में एक मजबूत वैश्विक वित्तीय सुरक्षा आवरण पर भी जोर दिया गया, जिसके केंद्र में कोटा-आधारित और पर्याप्त संसाधनों वाला अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) हो। बयान के मुताबिक कोटा की सामान्य समीक्षा के तहत आईएमएफ व्यवस्था की सुधार की प्रक्रिया को जारी रखने का आह्वान किया। इसमें नया कोटा फॉर्मूला अपनाने की बात भी कही गई।
वहीं रूस के विदेश मंत्री का कहना है कि उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के समूह ब्रिक्स ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में सुधार और राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार के लिए एक मंच विकसित करने पर सक्रिय रूप से काम करना शुरू कर दिया है, जिसकी परिकल्पना 2023 में जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन में की गई थी।
कौन-कौन से देश सदस्य?
ब्रिक्स, जो ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का संक्षिप्त रूप है, एक अनौपचारिक साझेदारी है जो सदस्य देशों के बीच सहयोग और संचार को बढ़ावा देती है। ब्रिक्स देशों के बीच कोई औपचारिक या कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता नहीं है। ब्रिक्स शब्द जिम ओ'नील द्वारा बनाया गया था, जिन्होंने उस समय वैश्विक अर्थव्यवस्था के भीतर इन देशों की क्षमता पर जोर देने के लिए इस शब्द का प्रयोग किया था। जब ओ'नील ने बिल्डिंग बेटर ग्लोबल इकोनॉमिक ब्रिक्स शीर्षक से अपना पेपर प्रकाशित किया, तो उनका मानना था कि ये देश, अपने आर्थिक विकास, संसाधनों और बढ़ती आबादी के कारण, 21वीं सदी के भीतर आर्थिक महाशक्ति बन जाएंगे।