Biz Updates: इंफोसिस के चौथी तिमाही का मुनाफा 11.7% घटकर 7033 करोड़ रुपये, IIP आंकड़े अब हर महीने आएंगे
Biz Updates: भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने गुरुवार को बताया कि मार्च तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 11.7 प्रतिशत घटकर 7,033 करोड़ रुपये रह गया। आइए जानते हैं कारोबार जगत से जुड़ी कुछ अहम खबरें।
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भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने गुरुवार को बताया कि मार्च तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 11.7 प्रतिशत घटकर 7,033 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष इस अवधि में कंपनी को 7,969 करोड़ रुपये का लाभ (कंपनी के मालिकों को देय) हुआ था।
कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने मार्गदर्शन को पार कर लिया है। इंफोसिस ने 2024-25 वित्त वर्ष के राजस्व मार्गदर्शन को 3.75-4.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.5-5 प्रतिशत कर दिया था। समीक्षाधीन तिमाही में राजस्व 40,925 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही के 37,923 करोड़ रुपये से 7.9 प्रतिशत अधिक है।
मासिक आधार पर कंपनी का लाभ 3.3 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन राजस्व में 2 प्रतिशत की गिरावट आई। नियामक फाइलिंग के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए मुनाफा 1.8 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 26,713 करोड़ रुपये हो गया। राजस्व 6.06 प्रतिशत बढ़कर 1,62,990 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, "हमने अपने ग्राहकों के विश्वास और कर्मचारियों के समर्पण की बदौलत ग्राहक-केंद्रितता और बाजार के प्रति जवाबदेही पर तीव्र ध्यान देते हुए एक लचीला संगठन बनाया है।" इंफोसिस ने वित्त वर्ष 26 के लिए स्थिर मुद्रा के आधार पर 0-3 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है।
फाइलिंग के अनुसार, 2024-25 के लिए कंपनी का नकद प्रवाह 4.1 अरब डॉलर था। कंपनी के सीएफओ जयेश संघराजका ने कहा कि यह राशि कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2025 के अंत में इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या 323,578 थी।
इन्फोसिस के बोर्ड ने 22 रुपये के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव दिया है। यह राशि अंतरिम लाभांश के साथ पिछले वर्ष की तुलना में 13.2 प्रतिशत अधिक है। गुरुवार को बीएसई पर इंफोसिस के शेयर 1,420.20 रुपये के भाव पर बंद हुए। यह पिछले सत्र की क्लोजिंग की तुलना में 0.51 फीसदी अधिक है। इंफोसिस के नतीजे गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद घोषित किए गए।
आईआईपी डेटा अब हर महीने की 28 तारीख को आएंगे
आईआईपी डेटा अब हर महीने की 28 तारीख को जारी किया जाएगा। अब इसके आंकड़े 42 दिन की जगह 28 दिन के अंतराल पर ही जारी किए जाएंगे।
आरबीआई ने जमा और खातों के लिए मास्टर निर्देश जारी किया
भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि बैंक केंद्रीय बैंक से पूर्व परामर्श के बिना अपनी विदेशी शाखाओं या सहयोगियों के जरिए रुपया खाते (ब्याज रहित) खोल/बंद कर सकते हैं। हालांकि, शीर्ष बैंक की ओर से जारी मास्टर निर्देश- जमा और लेखा में कहा गया है कि पाकिस्तान के बाहर संचालित पाकिस्तानी बैंकों की शाखाओं के नाम पर रुपया खाते खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष मंजूरी की आवश्यकता होगी।
इसमें आगे कहा गया है कि अनिवासी बैंक के खाते में जमा और अनिवासियों को भुगतान का स्वीकृत तरीका है और यह विदेशी मुद्रा में स्थानान्तरण से जुड़े विनियमों के अधीन है।
अनिवासी बैंकों के खातों के वित्तपोषण के संबंध में आरबीआई ने कहा कि बैंक भारत में अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अपने खातों में धनराशि जमा करने हेतु अपने विदेशी सहयोगियों और शाखाओं से वर्तमान बाजार दरों पर स्वतंत्र रूप से विदेशी मुद्रा खरीद सकते हैं।
फ्रैंकफर्ट: यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने गुरुवार को लगातार सातवीं बार ब्याज दरों में कटौती की
यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ हमले से आर्थिक विकास के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए गुरुवार को लगातार सातवीं बार ब्याज दरों में कटौती की। बैंक ने एक बयान में कहा कि "बढ़ते व्यापार तनाव के कारण विकास की संभावना ख़राब हो गई है"।
बैंक ने भविष्य की आर्थिक स्थिति के बारे में "असाधारण अनिश्चितता" का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में दर के बारे में निर्णय बैठक के आधार पर लिया जाएगा। बैंक के इस कदम से यूरो मुद्रा का उपयोग करने वाले 20 देशों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए ऋण अधिक किफायती हो जाएगा।
बैंक की दर-निर्धारण परिषद ने फ्रैंकफर्ट में एक बैठक में अपनी बेंचमार्क दर को एक चौथाई प्रतिशत घटाकर 2.25% करने का फैसला किया। 2022 से 2023 तक मुद्रास्फीति के प्रकोप से निपटने के लिए बैंक ने दरों में तेज़ी से वृद्धि करने के बाद लगातार कटौती की है।
अब जबकि मुद्रास्फीति कम हो गई है, विकास की चिंताएं केंद्र में आ गई हैं। यूरो का उपयोग करने वाले 20 देशों की अर्थव्यवस्था 2024 के अंतिम तीन महीनों में मामूली 0.2% बढ़ी है। मार्च में मुद्रास्फीति 2.2% थी, जो बैंक के 2% के लक्ष्य के करीब थी।