निवेश मंत्रा: विशेष परिस्थितियों वाले फंड में भी बेहतर रिटर्न, पढ़ें पूरी खबर
विशेष परिस्थितियों की थीम पर आधारित इक्विटी फंड निवेश पर बेहतर रिटर्न दे रहे हैं। विशेष स्थिति तब होती है, जब कोई कंपनी किसी अस्थायी समस्याओं से गुजर रही होती है और उसके शेयरों में गिरावट आती है। इन स्थितियों में निवेश और जोखिम का गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट...
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किसी विशेष परिस्थिति का निर्माण तब होता है, जब कंपनी या क्षेत्र से जुड़े कानून बदलते हैं या नियामकीय परिवर्तन होते हैं या वैश्विक स्तर पर बड़ी घटनाएं घटती हैं या खुद कंपनी के भीतर कोई समस्या पैदा हो जाए। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया अपॉर्च्युनिटीज जैसा फंड ऐसी विशेष परिस्थितियों से गुजर रही कंपनियों में निवेश कर मौके का फायदा उठाता है। ऐसे फंडों को अब तक जिस चीज से मदद मिली है, वह है उपयुक्त फंडों का चुनाव और समय पर मुनाफावसूली। कुछ शेयरों पर दांव लगाने से बेंचमार्क के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देने में ये फंड मदद करते हैं। स्कीम रिटर्न में योगदान देने वाले कुछ प्रमुख क्षेत्र जैसे ऑटो,दूरसंचार, फार्मा, पावर, बैंक और वित्त रहे हैं।
विदेशी प्रतिभूतियों में भी निवेश की सुविधा
इस तरह के फंड में विदेशी प्रतिभूतियों में निवेश करने की सुविधा भी होती है। यानी घरेलू और विदेशी दोनों जगह पर ये निवेश करते हैं। विशेष परिस्थितियों को एक थीम के रूप में मौजूदा दौर में भारतीय निवेशकों के बीच कम ही पसंद किया जाता है। इसका उद्देश्य संकट के समय में निवेशकों को लंबे समय के अवसरों में बदलना है। मुख्य निवेश रणनीति विशेष परिस्थितियों में कंपनियों की पहचान करती है।
सभी क्षेत्र और बाजार पूंजीकरण में निवेश
यह फंड विभिन्न क्षेत्रों और बाजार पूंजीकरण में निवेश करता है। इस फंड के कुल निवेश में से 69 फीसदी हिस्सा लार्जकैप में है। मिडकैप में 21 फीसदी और स्मॉलकैप शेयरों में 10 फीसदी हिस्सा है। इस फंड में 15 जनवरी, 2019 को 10 लाख रुपये का किया गया निवेश 15 जनवरी, 2024 तक बढ़कर 28 लाख रुपये हो गया है। यह 22.9 फीसदी का चक्रवृद्धि दर से फायदा है। इसकी तुलना में, स्कीम के बेंचमार्क निफ्टी 500 टीआरआई में यह निवेश सिर्फ 23 लाख हुआ यानी 19 फीसदी रिटर्न।
तीन साल में सालाना 37 फीसदी से ज्यादा रिटर्न
तीन साल में इस फंड का रिटर्न 37.7 फीसदी चक्रवृद्धि रहा है। बेंचमार्क का रिटर्न केवल 17.9 फीसदी रहा है। यदि किसी निवेशक ने 2019 में 10,000 रुपये का मासिक एसआईपी शुरू किया तो कुल निवेश 6 लाख रुपये होगा। यह रकम अब 12.58 लाख रुपये हो गई यानी 30.13 फीसदी की दर से रिटर्न दिया है। संकरन नरेन कार्यकारी निदेशक एवं सीआईओ, आईप्रू म्यूचुअल फंड का कहना है कि विशेष परिस्थितियों को एक थीम के रूप में मौजूदा दौर में भारतीय निवेशकों के बीच कम ही पसंद किया जाता है। इसका उद्देश्य संकट के समय को निवेशकों के लिए लंबी अवधि में अवसरों में बदलना है।