फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Bank of India filed petition in National Company Law Tribunal to initiate insolvency proceedings against Future Retail

दिवाला कार्यवाही: फ्यूचर समूह के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया पहुंचा एनसीएलटी, नहीं कर पाई 5322 करोड़ रुपये का भुगतान

Fri, 15 Apr 2022 03:35 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 15 Apr 2022 03:35 AM IST
सार

फ्यूचर रिटेल के खिलाफ पिछले महीने बैंक ऑफ इंडिया ने अखबारों में एक नोटिस देकर उसकी संपत्तियों पर अपना दावा ठोंका था। साथ ही जनता को भी कहा था कि उन संपत्तियों के साथ कोई सौदा नहीं किया जाए। फ्यूचर समूह को कर्ज देने वालों बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया लीड बैंकर था।

विज्ञापन
Bank of India filed petition in National Company Law Tribunal to initiate insolvency proceedings against Future Retail
बैंक ऑफ इंडिया (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया ने फ्यूचर रिटेल के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने के लिए राष्टीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में एक याचिका दायर की है। इस महीने के शुरू में फ्यूचर रिटेल बैंकों के 5,322 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर पाई थी। इसी मामले में बैंक ने याचिका दायर की है। फ्यूचर रिटेल ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में यह बात कही है। उसका कहना है कि अमेजन के साथ चल रहे मुकदमों और अन्य मुद्दों के कारण वह भुगतान नहीं कर पाई। किशोर बियानी की कंपनी ने कहा कि उसे याचिका से संबंधित नोटिस मिला है और इस मामले में वह कानूनी सलाह भी ले रही है। 

विज्ञापन


फ्यूचर रिटेल के खिलाफ पिछले महीने बैंक ऑफ इंडिया ने अखबारों में एक नोटिस देकर उसकी संपत्तियों पर अपना दावा ठोंका था। साथ ही जनता को भी कहा था कि उन संपत्तियों के साथ कोई सौदा नहीं किया जाए। फ्यूचर समूह को कर्ज देने वालों बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया लीड बैंकर था। इसने अगस्त,2020 में 24,713 करोड़ रुपये में रिलायंस के साथ सौदा किया था। इसके तहत इसकी कुल 19 कंपनियां बेची जानी थीं। इन सभी को एक छत के नीचे लाकर फ्यूचर एंटरप्राइजेज के नाम से बनाना था। 
विज्ञापन


उधर, किशोर बियानी और अन्य प्रवर्तकों को भेजे गए 16 पृष्ठों के एक पत्र में अमेजन ने कहा है कि इस तरह का सौदा सही नहीं है और यह सिंगापुर मध्यस्थता ट्रिब्यूनल के फैसले के भी खिलाफ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


फ्यूचर समूह एक अप्रैल को 5,322 करोड़ रुपये के भुगतान से चूक गया था। इसके पहले 31 दिसंबर, 2021 को भी यह बैंकों के 3,494 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर पाया था। बाद बैंक ऑफ बड़ौदा पहला बैंक था, जिसने फ्यूचर समूह को डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल में ले गया था। 20-23 अप्रैल तक फ्यूचर समूह अपने शेयरधारकों और उधारी देनेवालों के साथ एक बैठक करेगा। इसमें 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी देने के मुद्दे पर चर्चा होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed