फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   aviation turbine fuel should come under gst, ministry writes letter to council

हवाई ईंधन को जीएसटी में लाने की कोशिश, मंत्रालय ने लिखा काउंसिल को पत्र

Sat, 01 Dec 2018 12:02 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 01 Dec 2018 12:02 PM IST
विज्ञापन
aviation turbine fuel should come under gst, ministry writes letter to council

यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद हवाई कंपनियों को लगातार हो रहे घाटे से बचाने के लिए नागर विमानन मंत्रालय ने चिंता जताई है। मंत्रालय का कहना है कि हवाई ईंधन (एटीएफ) को जल्द से जल्द जीएसटी के दायरे में लाया जाए। 

विज्ञापन


काउंसिल को लिखा पत्र

मंत्रालय ने जीएसटी काउंसिल और राज्य सरकारों को पत्र लिखकर कहा है कि वो एटीएफ को जीएसटी में लाने के लिए विचार करने को कहा है। मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि बड़ी हवाई कंपनियों के लिए जीएसटी दर 18 फीसदी और छोटे विमानों के लिए एटीएफ पर जीएसटी 5 फीसदी रखने की मांग की है। छोटे विमानों का उड़ान योजना में प्रयोग हो रहा है। इन विमानों में अधिकतम 40 यात्री सफर कर सकते हैं। 
विज्ञापन


अभी राज्यों में है अलग शुल्क

देश के सभी राज्यों में एटीएफ पर अलग-अलग टैक्स वसूला जाता है। महाराष्ट्र और दिल्ली में एटीएफ पर 25 फीसदी टैक्स लगता है। हालांकि यह सभी विमानों पर एक समान लगता है। नागर विमानन सचिव आर एन चौबे ने कहा कि इस मुद्दे को जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में लिया जाएगा। अगर एटीएफ को जीएसटी के दायरे मे लाया जाता है तो फिर इससे ईंधन के दाम कुछ हद तक सीमित हो जाएंगे। हालांकि अभी तक सभी राज्य सरकारों ने तेल के दाम को जीएसटी में लाने का विरोध किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले एक साल में हवाई ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में 40 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है, जिसके कारण कंपनियां ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो रही है। गौरतलब है कि हवाई परिचालन में ईंधन पर कंपनियों का सबसे ज्यादा पैसा खर्च होता है। 


इतना आया कंपनियों का खर्चा 

हवाई ईंधन पर देश की तमाम हवाई कंपनियों का काफी पैसा पिछले एक साल में खर्च हुआ है। स्पाइसजेट का खर्चा 52 फीसदी बढ़कर 812 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंडिगो का ईंधन खर्च 54 फीसदी बढ़कर 2,715 करोड़ रहा। जेट एयरवेज का ईंधन खर्च 53 फीसदी बढ़ गया है। इससे कंपनियों के शुद्ध मुनाफे में भी कमी आई है। 

सभी कंपनियों की हालत खस्ता

इस वजह से सभी कंपनियों की हालत काफी खस्ता हो चुकी है। खर्च बढ़ने के कारण स्पाइसजेट को 14 तिमाहियों में पहली बार नुकसान हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed