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नवंबर में तीसरे महीने भी 7 फीसदी से ज्यादा रहेगी खुदरा महंगाई
Fri, 11 Dec 2020 02:48 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 11 Dec 2020 02:48 AM IST
सार
- सरकार अगले सप्ताह जारी कर सकती है खुदरा महंगाई के आंकड़े
- 7.61 फीसदी रही थी खुदरा महंगाई अक्तूबर में, जो साढ़े 6 साल का उच्च स्तर है
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भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : pixabay
विस्तार
देश में खुदरा महंगाई की दर नवंबर में लगातार तीसरे महीने सात फीसदी से ज्यादा रह सकती है। हालांकि, यह अक्तूबर के 7.61 फीसदी के मुकाबले कम रहेगी। लेकिन, आरबीआई के लक्ष्य (दो से छह फीसदी) से ऊपर रहेगी। सरकार अगले सप्ताह खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी कर सकती है।
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रॉयटर्स की ओर से कराए गए अर्थशास्त्रियों के एक सर्वे में कहा गया है कि देश में खाद्य कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम भी पिछले 20 दिनों में काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में नवंबर में खुदरा महंगाई की दर आरबीआई के तय लक्ष्य से ज्यादा रह सकती है। अगर नवंबर में यह दर 7 फीसदी से ज्यादा रहती है तो यह लगातार तीसरा महीना होगा, जब खुदरा महंगाई की दर 7 फीसदी से ज्यादा होगी। इससे पहले अक्तूबर में खुदरा महंगाई की दर 7.61 फीसदी रही थी, जो साढ़े छह साल का उच्च स्तर था।
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यह लगातार सातवां महीना है, जब खुदरा महंगाई की दर 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यह मई, 2014 के बाद खुदरा महंगाई की सबसे ऊंची दर है। केयर रेटिंग के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि अक्तूबर के मुकाबले नवंबर में खुदरा महंगाई की दर कम रहने की उम्मीद है क्योंकि सब्जियों और दाल की कीमतों में कमी आई है। हालांकि, नवंबर में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, जिससे महंगाई दर में तेजी दिख सकती है।
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अभी उच्च स्तर पर रहेगी महंगाई दर
आरबीआई ने हाल के मौद्रिक नीति समिति की बैठक में उच्च महंगाई दर का हवाला देते हुए अपनी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा था कि महंगाई की दर अभी उच्च स्तर पर बनी रहेगी। हालांकि, तरलता के कारण इससे ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। घरेलू अर्थव्यवस्था में इस साल पहली तिमाही में 23.9 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट रही थी, जो दूसरी तिमाही में सुधरकर 7.5 फीसदी पर पहुंच गई थी।
भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज्यादा सुधार : एडीबी
एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना के झटकों से उबर रही है और उसमें उम्मीद से ज्यादा सुधार देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही एडीबी ने 2020-21 के दौरान जीडीपी में 8 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया है। इससे पहले उसने अर्थव्यवस्था में 9 फीसदी गिरावट की बात कही थी। एशियाई विकास परिदृश्य रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी के झटकों से उबरकर सामान्य स्थिति में लौट रही है। दूसरी तिमाही में 7.5 फीसदी गिरावट रही थी, जो बताता है कि भारत में आर्थिक भरपाई उम्मीद से बेहतर है। इस कारण दक्षिण एशिया में गिरावट के अनुमान को 6.8 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया गया है। एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री यासूयुकी सवादा ने कहा, महामारी का असर लंबे तक रह सकता है, लेकिन टीके को लेकर आ रही सकारात्मक खबरों से इसका डर कम हो रहा है।