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अमेरिका को हुआ इतिहास का सबसे बड़ा बजट घाटा, कोरोना व बेरोजगारी से घटा राजस्व
Tue, 14 Jul 2020 11:52 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 14 Jul 2020 11:52 AM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI
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अमेरिका की संघीय सरकार को इस साल जून महीने में इतिहास के सबसे बड़े बजट घाटे का सामना करना पड़ा है। सरकार को एक तरफ कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिये ज्यादा खर्च करना पड़ा तो दूसरी तरफ लाखों नौकरियों के चले जाने से उसका कर राजस्व घट गया।
864 अरब डॉलर पर पहुंच गया घाटा
अमेरिका के राजकोषीय विभाग ने सोमवार को बताया कि पिछले महीने घाटा बढ़कर 864 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा अमेरिका के इतिहास के कई वार्षिक घाटे से भी अधिक है। इससे पहले अप्रैल माह में अमेरिका को 738 अरब डॉलर का मासिक घाटा हुआ था। अमेरिकी कांग्रेस ने कोरोना वायरस के प्रभाव से निपटने के लिये पहले ही अरबों डॉलर की राशि उपलब्ध कराई है।
पूरे साल में 3,700 अरब डॉलर का हुआ घाटा
अमेरिका का बजट घाटा चालू वित्त वर्ष के (एक अक्तूबर 2019 से) पहले नौ माह के दौरान कुल मिलाकर 2,740 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। नौ माह की इस अवधि के लिये यह घाटा एक रिकॉर्ड है। इस हिसाब से पूरे साल का घाटा 3,700 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अमेरिका की कांग्रेस यानी संसद ने वर्ष के दौरान बजट घाटा इस स्तर तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है।
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अमेरिका का यह बजट घाटा उसके वर्ष 2009 के पिछले सालाना रिकॉर्ड 1,400 अरब डॉलर के मुकाबले कहीं अधिक होगा। उस समय छाई मंदी के दौरान अमेरिकी सरकार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के लिये भारी खर्च किया था।
कोरोना का असर
अमेरिकी सरकार ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लागू किया जिससे कई लोग बेरोजगार हो गये। लोगों को राहत पहुंचाने के लिये कई कार्यक्रम शुरू किये गये। बेरोजगारों को 600 डॉलर प्रति सप्ताह का अतिरिक्त लाभ दिया गया और कंपनियों को उनके कर्मचारियों के लिये वेतन संरक्षण सुविधा दी गई ताकि उन्हें नौकरी में बरकरार रखा जाये। इसे पे-चेक सुरक्षा कार्यक्रम का नाम दिया गया जिसपर जून माह में 511 अरब डॉलर खर्च हुये।
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864 अरब डॉलर पर पहुंच गया घाटा
अमेरिका के राजकोषीय विभाग ने सोमवार को बताया कि पिछले महीने घाटा बढ़कर 864 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह आंकड़ा अमेरिका के इतिहास के कई वार्षिक घाटे से भी अधिक है। इससे पहले अप्रैल माह में अमेरिका को 738 अरब डॉलर का मासिक घाटा हुआ था। अमेरिकी कांग्रेस ने कोरोना वायरस के प्रभाव से निपटने के लिये पहले ही अरबों डॉलर की राशि उपलब्ध कराई है।
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पूरे साल में 3,700 अरब डॉलर का हुआ घाटा
अमेरिका का बजट घाटा चालू वित्त वर्ष के (एक अक्तूबर 2019 से) पहले नौ माह के दौरान कुल मिलाकर 2,740 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। नौ माह की इस अवधि के लिये यह घाटा एक रिकॉर्ड है। इस हिसाब से पूरे साल का घाटा 3,700 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अमेरिका की कांग्रेस यानी संसद ने वर्ष के दौरान बजट घाटा इस स्तर तक पहुंचने का अनुमान व्यक्त किया है।
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अमेरिका का यह बजट घाटा उसके वर्ष 2009 के पिछले सालाना रिकॉर्ड 1,400 अरब डॉलर के मुकाबले कहीं अधिक होगा। उस समय छाई मंदी के दौरान अमेरिकी सरकार ने अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के लिये भारी खर्च किया था।
कोरोना का असर
अमेरिकी सरकार ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लागू किया जिससे कई लोग बेरोजगार हो गये। लोगों को राहत पहुंचाने के लिये कई कार्यक्रम शुरू किये गये। बेरोजगारों को 600 डॉलर प्रति सप्ताह का अतिरिक्त लाभ दिया गया और कंपनियों को उनके कर्मचारियों के लिये वेतन संरक्षण सुविधा दी गई ताकि उन्हें नौकरी में बरकरार रखा जाये। इसे पे-चेक सुरक्षा कार्यक्रम का नाम दिया गया जिसपर जून माह में 511 अरब डॉलर खर्च हुये।