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विमानों का किराया बढ़ने की आशंका: अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के जेट ईंधन 5% महंगे हुए, लगातार दूसरे महीने बढ़े दाम
Fri, 01 May 2026 12:44 PM IST
Jyoti Bhaskar
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Fri, 01 May 2026 12:44 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए जेट ईंधन पांच फीसदी महंगा हो गया है। लगातार दूसरे महीने कीमतों में उछाल आने से विमानों का किराया बढ़ने की आशंका है। हालांकि, फिलहाल घरेलू विमानों का किराया नहीं बढ़ेगा।
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अंतरराष्ट्रीय विमान किराया बढ़ने की आशंका (सांकेतिक)
- फोटो : Adobe stock
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमत में शुक्रवार को 5 फीसदी की वृद्धि हुई। कीमतों में लगातार दूसरे महीने उछाल आई है, क्योंकि तेल कंपनियों ने ऊर्जा की वैश्विक कीमतों में वृद्धि को समायोजित तरीके से आगे बढ़ाया है। हालांकि, घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसे में अनुमान है कि घरेलू उड़ानों का किराया नहीं बढ़ेगा।
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दो दशक पहले हुआ था कीमतों का विनियमन
एक मई के फैसले के बाद दिल्ली में एटीएफ की कीमतें 76.55 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोलीटर या 5.33 फीसदी बढ़कर 1511.86 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोलीटर हो गईं। एक अप्रैल को कीमतों में वृद्धि के बाद जेट फ्यूल एक मई को पांच फीसदी और महंगे हुए, यानी एक माह में दूसरी बार कीमतों में उछाल आया है। गौरतलब है कि जेट ईंधन की कीमतें दो दशक पहले विनियमित की गई थीं।
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विदेशी एयरलाइंस बाजार दरों का भुगतान करेंगी
पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया था। सरकार और राज्य-स्वामित्व वाली तेल कंपनियों ने एक समायोजित दृष्टिकोण अपनाया है। विदेशी एयरलाइंस बाजार दरों का भुगतान करेंगी, जबकि घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतें नियंत्रित रखी गई हैं।