हबीबगंज के बाद यह स्टेशन भी जाएगा निजी हाथों में, मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
एक लाख करोड़ का होगा खर्चा
रेल मंत्रालय इस स्टेशन पर पुनर्विकास करने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का खर्चा करेगा। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (आईआरएसडीसी), सूरत नगर निगम और गुजरात राज्य पथ परिवहन निगम के संयुक्त उपक्रम सिटको ने स्टेशन पर मल्टी मोडल परिवहन केंद्र विकसित करने के लिये रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन (आरएफक्यू) और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) आमंत्रित किए हैं।
2020 तक होगा तैयार
आईआरएसडीसी के मुताबिक यह रेलवे स्टेशन 2020 तक बनकर तैयार होगा। यह रेलवे स्टेशन 3, 19, 700 वर्ग मीटर में बनेगा इसमें 40, 724 वर्ग मीटर क्षेत्र में बस टर्मिनल भी बनेगा। इस बस टर्मिनल से यात्रियों को भी ट्रेन में चढ़ने-उतरने के बाद अपने गंतव्य स्थान के लिए बस भी मिलेगी।
बंसल ग्रुप को बेचा था हबीबगंज रेलवे स्टेशन
रेलवे ने जुलाई 2016 में पीपीपी मॉडल के तहत बंसल ग्रुप के साथ करार किया था, जिसको सोमवार से कंपनी के हाथों सौंप दिया गया है। बंसल पाथवे नाम की कंपनी जहां रेलवे स्टेशन का संचालन करेगी, वहीं रेलवे गाड़ियों का संचालन करेगी।
इस स्टेशन को एयरपोर्ट के स्टाइल में बनाया जाएगा। हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर पॉर्किंग से लेकर खानपान तक बंसल ग्रुप के अधीन होगा तथा इससे होने वाली आय भी इसी कंपनी को मिलेगी। हालांकि, इससे रेलवे को 2 करोड़ रुपये सालाना राजस्व की हानि भी होगी। इस स्टेशन पर एस्केलेटर, शॉपिंग के लिए दुकानें, फूड कोर्ट और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
देश का पहला आईएसओ स्टेशन है हबीबगंज
हबीबगंज को देश का पहला आईएसओ सर्टिफिकेट मिलने का गौरव भी मिला हुआ है। यहीं से चलने वाली हबीबगंज-निजामुद्दीन भोपाल एक्सप्रेस को देश की पहली आईएसओ सर्टिफाइड ट्रेन है। इसके बाद ही अन्य ट्रेनों को आईएसओ मिलने की कवायद शुरू हुई थी।
भोपाल की आधी आबादी पकड़ती है ट्रेन
भोपाल शहर की आधी आबादी इस स्टेशन के जरिए अपने गंतव्य की ट्रेन पकड़ती है। तीन साल के अंदर लगभग 100 करोड़ की लागत से हबीबगंज रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाया जायेगा। आपात स्थिति में रेलवे स्टेशन को 4 मिनट में खाली कराया जा सकेगा। आग लगने की स्थिति में यात्री 6 मिनट में सुरक्षित स्थान तक पहुंच जायेंगे। स्टेशन पर सोलर एनर्जी का उपयोग किया जायेगा जिससे बिजली मिलेगी।
स्टेशन में 6 लिफ्ट लगेंगे और 11 एस्केलेटर लगाये जायेंगे। इसके अलावा पैदल चलने वालों के लिये 2 सबवे बनाये जायेंगे और पार्सल के लिये 1 कॉरिडोर अलग से बनाया जाएगा।