{"_id":"5e9eb76c8ebc3e903a57796f","slug":"64-percent-employees-learning-new-skills-in-lockdown-according-to-a-survey","type":"story","status":"publish","title_hn":"64 फीसदी कर्मचारी लॉकडाउन में नई स्किल सीखने पर कर रहे हैं वक्त का इस्तेमाल: सर्वे","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
64 फीसदी कर्मचारी लॉकडाउन में नई स्किल सीखने पर कर रहे हैं वक्त का इस्तेमाल: सर्वे
Tue, 21 Apr 2020 02:35 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Tue, 21 Apr 2020 02:35 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस को फलने से रोकने के लिए भारत में 25 मार्च 2020 को शुरू हुआ लॉकडाउन तीन मई तक लागू है। ऐसे में घर पर लोग समय का अच्छे से उपयोग कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के मालिकाना हक वाली लिंक्डइन की सोमवार को 'वर्कफोर्स कॉन्फिडेंस इंडेक्स' रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार, लॉकडाउन में मिले वक्त का इस्तेमाल 64 फीसदी कर्मचारी सीखने और प्रोफेशनल नेटवर्क को मजबूत करने में कर रहे हैं। वहीं 42 फीसदी पेशेवर अगले दो हफ्तों तक नई नौकरी की तलाश करने में अपना समय बिताएंगे।
विज्ञापन
72 फीसदी अनुसार दो वर्षों में वापस प्रगति करेंगी कंपनियां
रिपोर्ट के अनुसार, 72 फीसदी भारतीय पेशेवर मानते हैं कि उनकी कंपनी अगले दो वर्षों में वापस प्रगति करेंगी। इस संदर्भ में लिंक्डइन के प्रबंधक आशुतोष गुप्ता ने कहा कि 33 फीसदी वरिष्ठ अधिकारियों को लगता है कि उनकी कंपनियों को अगले छह माह में कठिन समय का सामना करना पड़ेगा। 69 फीसदी वरिष्ठ कर्मी अगले दो वर्षों में अपनी कंपनियों की प्रगति के प्रति आश्वस्त हैं।
विज्ञापन
वहीं निदेशक-स्तर के एक तिहाई अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों के लिए आगे का समय खराब है। केवल 55 फीसदी कर्मचारियों के अनुसार उनकी कंपनियां उन्हें रिमोट वर्किंग का विकल्प प्रदान कर रही हैं। मात्र 25 फीसदी के पास फ्लेक्सिबल या पार्ट टाइम वर्किंग आवर्स में काम करने का मौका है।
विज्ञापन
1,000 से ज्यादा सदस्यों पर आधारित है सर्वे
मालूम हो कि यह रिपोर्ट लिंक्डइन पर सक्रिय 1,000 से अधिक सदस्यों के एक ऑनलाइन सर्वेक्षण पर आधारित है। पांच में से तीन भारतीय पेशेवरों के अनुसार, वे आगामी वर्ष करियर में प्रगति हासिल करेंगे। सिर्फ 24 फीसदी भारतीय पेशेवर अपनी कंपनियों से शारीरिक स्वास्थ्य के लिए समर्थन चाहते हैं। जबकि 22 फीसदी भलाई के लिए कंपनी का साथ चाहते हैं।