MSME: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 30 लाख लोगों को जोड़ा गया, मुंबई में बोले जीतन राम मांझी
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अब तक 30 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। साथ ही, 25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने वाले एमएसएमई के उद्यम पोर्टल से 34 लाख रजिस्ट्रेंशन किए जा चुके हैं।
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अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) दिवस के मौके पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 30 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही 25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने वाले एमएसएमई के उद्यम पोर्टल से 34 लाख रजिस्ट्रेंशन किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनाओं के साथ ग्रामीण इलाकों में एंटरप्रन्योर बनाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं।
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ग्रामीण इलाकों में भी सहायता पहुंचा रही सरकार
मंत्री ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में जहां पर लोग कारपेंटर, नाई या फिर सड़क के किनारे सामान बेचने वाले व्यक्ति को उसके छोटे कारोबार को बढ़ाने के लिए पूरी सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंस ऑफ इंडिया के साथ मिलकर सरकार काम कर रही है और हम संस्था से यह अनुरोध करते हैं कि वह एकाउंटेंसी के साथ छोटे और मध्यम उद्योगों को लोन के बारे में जानकारी, उनके बहीखातों और जीएसटी पोर्टल सहित उद्यमों के लिए सरकार द्वारा पेश की जाने वाली योजनाओं की जानकारी दे। हमें उम्मीद है कि इससे एमएसएमई सेक्टर में अति सूक्ष्म और माइक्रो स्तर पर कारोबार करने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एमएसएमई सेक्टर का योगदान 30.01 प्रतिशत है और देश के एक्सपोर्ट में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 40.73 प्रतिशत है। यह क्षेत्र कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देता है।
उद्यमशीलता के क्षेत्र में स्नातक होने की आवश्यकता
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान निदेशक सत्य आचार्य ने बताया कि देश में उद्यमिता यानी एंटरप्रन्योर को बढ़ावा देने के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को बढ़ाने की जरूरत है। वर्तमान में संस्थान में कई तरह के प्रोग्राम हैं, जिसके साथ जुड़कर युवा उद्यमशीलता के क्षेत्र में करियर बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में अगर एमएसएम क्षेत्र का विस्तार करना है, तो स्किल डेवलपमेंट की ओर ध्यान देने की जरूरत है। वर्तमान में एमएसएमई क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती पारिवारिक व्यापार को उनकी अगली पीढ़ी चलाना नहीं चाहती और नए उद्यमों के लिए लोगों के पास अनुभव के साथ ही स्किल नहीं है। यदि एमएसएमई सेक्टर को विस्तार करना है तो उद्यमशीलता के क्षेत्र में स्नातक होने की आवश्यकता है।