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ट्रंप के दौरे से पहले अमेरिका ने चीन को पछाड़ा, भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना

Sun, 23 Feb 2020 08:33 PM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Sun, 23 Feb 2020 08:33 PM IST
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Before Trumps India visit, America overtakes China to become Indias largest trading partner
US President Donald Trump - फोटो : PTI

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो दिवसीय भारत दौरे से पहले अमेरिका ने चीन को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार होने का तमगा हासिल कर लिया है। अमेरिका के इस तमगे को हासिल कर लेने से भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार संबंधों का पता चलता है। 

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वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में भारत और अमेरिका के बीच 87.95 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। इसी अवधि दौरान भारत का चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 87.07 अरब डॉलर रहा था।
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इसी तरह वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल से दिसंबर के दौरान भारत का अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार 68 अरब डॉलर रहा, जबकि इस दौरान भारत और चीन का द्विपक्षीय व्यापार 64.96 अरब डॉलर रहा।
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इस मामले में व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भी यह चलन बना रह सकता है, क्योंकि भारत और अमेरिका आर्थिक संबंधों को बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इस कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दो दिवसीय भारत दौरा अहम माना जा रहा है।

वहीं एक विशेषज्ञ का मानना है कि यदि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर लेते हैं तो द्विपक्षीय व्यापार एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाएगा। भारतीय निर्यात संगठन परिसंघ के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि अमेरिका के साथ एफटीए भारत के लिए बेहद फायदेमंद होगा, क्योंकि अमेरिका भारतीय माल एवं सेवाओं का सबसे बड़ा बाजार है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत का आयात और निर्यात दोनों बढ़ रहा है, जबकि कोरोनवायरस के कहर की मार झेल रहे चीन के साथ आयात-निर्यात दोनों में ही गिरावट आ रही है। अमेरिका उन चुनिंदा देशों में से एक है, जिसके साथ व्यापार संतुलन का झुकाव भारत के पक्ष में है।

वर्ष 2018-19 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा जहां 53.56 अरब डॉलर रहा था, वहीं अमेरिका के साथ भारत 16.85 अरब डॉलर के व्यापार लाभ की स्थिति में था। आंकड़ों के अनुसार, चीन 2013-14 से लेकर 2017-18 तक भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार रहा है।


हालांकि चीन से पहले यह दर्जा संयुक्त अरब अमीरात को हासिल था। भारतीय विदेशी व्यापार संस्थान में प्रोफेसर राकेश मोहन जोशी ने कहा कि भारत को अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि अमेरिका मक्का और सोयाबीन जैसे जिंसों का सबसे बड़ा उत्पादक व निर्यातक है।

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