कॉलड्रॉप: जुर्माने से बचने के लिए एकजुट हुईं टेलीकॉम कंपनियां
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कॉलड्रॉप होने पर उपभोक्ताओं को रोजाना तीन रुपये बतौर जुर्माना देने के प्रावधान के खिलाफ टेलीकॉम कंपनियां लामबंद होने लगी हैं।
टेलीकॉम कंपनियों की एसोसिएशन सीओएआई के मुताबिक भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की तरफ से जुर्माने के प्रावधान को वापस नहीं लेने पर वे अदालत का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
इस मामले में कानूनी सलाह लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले सप्ताह ट्राई की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक कॉलड्रॉप होने पर 1 जनवरी 2016 से टेलीकॉम कंपनियों को रोजाना एक रुपये प्रति कॉलड्राप की दर से अपने उपभोक्ताओं को जुर्माना देना होगा।
एक दिन में अधिकतम तीन कॉलड्राप के लिए जुर्माना देना होगा। सीओएआई के महानिदेशक राजन मैथ्यू ने बताया टेलीकॉम कंपनियों को कॉलड्राप के बदले जुर्माना देना मंजूर नहीं है। अगले सप्ताह के मध्य तक सीओएआई टेलीकॉम कंपनियां अपनी मांगों को ट्राई के समक्ष रखने वाली है।
अगर ट्राई जुर्माने के प्रावधान को समाप्त नहीं करता है, तो निश्चित रूप से वे इस प्रावधान के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
कम टॉवर के कारण होता है कॉलड्रॉप
मैथ्यू ने बताया कि कॉलड्राप की समस्या के लिए मुख्य रूप से टॉवर व स्पेक्ट्रम की कमी जिम्मेदार है। टेलीकॉम कंपनियां टॉवर लगाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन स्थानीय निकाय (नगर निगम) से उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है।
राज्य सरकारों का भी रवैया सहयोगात्मक नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां एक साथ 2जी, 3जी व 4जी चलते हैं जो कॉलड्रॉप के कारणों में से एक हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले महीने दिल्ली से 400 टॉवरों को हटा दिया गया, ऐसे में कॉलड्रॉप की समस्या से कैसे छुटकारा मिल सकता है। यही हाल मुंबई का है। स्थानीय निकाय टॉवर लगाने की इजाजत के बदले काफी अधिक राशि की मांग करते हैं।
सीओएआई के मुताबिक सरकार टॉवर लगाने की सुविधा बहाल कर दे और पर्याप्त स्पेक्ट्रम हो जाए, तो टेलीकॉम कंपनियां 90 दिनों के भीतर कॉलड्रॉप की समस्याओं को खत्म कर देंगी।
मैथ्यू ने बताया कि पिछले दो साल के दौरान कई कंपनियों के स्पेक्ट्रम लाइसेंस की अवधि समाप्त हो रही थी। भारत में इस बात की कोई गारंटी नहीं होती है कि किसी कंपनी को फिर से समान बैंड पर समान सर्किल का स्पेक्ट्रम लाइसेंस मिल जाएगा। इस वजह से कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने से परहेज करती हैं।