ऐतिहासिक गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, निवेशकों को हुआ 11 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान
- गुरुवार को शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
- दुनियाभर के शेयर बाजारों की हालत खस्ता है।
- कोरोनावायरस के कहर से बाजार में कोहराम मच गया है।
- निवेशकों को 11 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ।
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विस्तार
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ना सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के बाजारों की हालत खस्ता है। कोरोनावायरस के कहर से बाजार में कोहराम मच गया है। दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 2,919.26 अंक यानी 8.18 फीसदी की जबरदस्त गिरावट के बाद 32,778.14 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 825.30 अंक यानी 7.89 फीसदी की गिरावट के बाद 9,633.10 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में चौतरफा बिकवाली दिखी।
निवेशकों के डूबे 11.42 लाख करोड़ रुपये
शेयर बाजार के पतन के चलते निवेशकों के 11.42 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को घटकर 126 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सात दिनों में 15 फीसदी टूटा सेंसेक्स
फीसदी के हिसाब से 2008 के बाद पहली बार कारोबार के दौरान सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट दिखाई दी। पिछले सात दिनों में सेंसेक्स करीब 15 फीसदी नीचे आया है। वहीं 2017 के बाद यह पहला मौका है, जब निफ्टी 9,600 के स्तर से नीचे पहुंचा।
गिरावट के बड़े कारण
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना को विश्वव्यापी महामारी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 को पैनडेमिक (विश्वव्यापी महामारी) माना जा सकता है।
- टूरिस्ट वीजा निलंबित : सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी देशों के पर्यटक वीजा निलंबित कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका शुक्रवार से (स्थानीय समयानुसार) 30 दिन के लिए यूरोप से सभी यात्राएं रद्द करने जा रहा है। इस दौरान किसी तरह के यातायात को इजाजत नहीं दी जाएगी। ब्रिटेन को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
- भारी गिरावट से वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंका गहरा गई है। कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट का रुख है। ब्रेंट क्रूड वायदा पांच फीसदी टूटकर 34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। क्रूड में आई करीब तीन दशक की तेज गिरावट ने भी दुनिया के शेयर बाजारों का मूड बिगाड़ दिया है।
- विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने के चलते निवेशकों की भावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को सकल आधार पर 3,515.38 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। मासिक आधार पर देखें तो अब तक विदेशी निवेशकों ने 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक रकम भारतीय बाजार से निकाल लिए हैं।
ऐसा रहा दिग्गज शेयरों का हाल
दिग्गज शेयरों की बात करें, तो आज सभी शेयर लाल निशान पर बंद हुए। शीर्ष 10 गिरावट वाले शेयरों में निम्नलिखित कंपनियां शामिल हैं-
- यस बैंक ( 13.02 फीसदी )
- यूपीएल ( 12.95 फीसदी )
- वेदांता लिमिटेड ( 12.61 फीसदी )
- हिंडाल्को ( 12.26 फीसदी )
- ओएनजीसी ( 12.13 फीसदी )
- एसबीआई ( 12.12 फीसदी )
- गेल ( 12.10 फीसदी )
- एक्सिस बैंक ( 11.99 फीसदी )
- आईटीसी ( 11.30 फीसदी )
- बजाज फिन्सर्व ( 10.28 फीसदी )
एक साल के निचले स्तर पर इन कंपनियों के शेयर
1,106 कंपनियों के शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए। 500 कंपनियों के शेयरों में लोअर सर्किट लगा। एनएसई में 783 कंपनियों के शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। एक साल के निचले स्तर पर जाने वाली कंपनियों में रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, बजाज ऑटो, एचपीसीएल, आईटीसी, एलएंडटी और स्पाइसजेट शामिल हैं। वहीं गेल, हीरो मोटरकॉर्प, एसीसी, बीईएमएल, जिलेट और ग्लेनमार्क फार्मा का भी नाम इस सूची में है।
डाउ जोंस में भी इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट
अमेरिका का डाउ जोंस ने एक बार फिर गिरने का इतिहास रच दिया। डाउ जोंस में 1464 अंकों की गिरावट हुई। यह डाउ जोंस के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 28 फरवरी को भी डाउ जोंस ने गिरने को रिकॉर्ड बनाया बनाया था। उस दिन यह 1190.95 अंक गिरा था।
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर
सेक्टोरियल इंडेक्स पर नजर डालें, तो आज सभी सेक्टर्स लाल निशान पर बंद हुए। इनमें मेटल, फार्मा, आईटी, रियल्टी, ऑटो, पीएसयू बैंक, मीडिया, एफएमसीजी और प्राइवेट बैंक शामिल हैं।
गिरावट पर खुला था बाजार
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,784.14 अंक यानी 5.03 फीसदी की गिरावट के बाद 33,903.26 के स्तर पर खुला था। जबकि निफ्टी 532.65 अंक यानी 5.09 फीसदी की गिरावट के बाद 9,925.75 के स्तर पर खुला था। इसके बाद बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दोपहर 2:34 बजे सेंसेक्स 3,124.68 अंक यानी 8.75 फीसदी की ढलान के साथ 32,572.68 के स्तर पर आ गया था और निफ्टी 946.25 अंक यानी 9.05 फीसदी की गिरावट के साथ 9,512.15 के निचले स्तर जा पहुंचा था।
पिछले कारोबारी दिन सपाट स्तर पर बंद हुआ था बाजार
बुधवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद हुआ था। सेंसेक्स 62.45 अंक यानी 0.18 फीसदी की बढ़त के बाद 35,697.40 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 2.55 अंक यानी 0.02 फीसदी की गिरावट के बाद 10,448.90 के स्तर पर बंद हुआ था।