साल 2020 के दूसरे कारोबारी सप्ताह अमेरिका-ईरान तनाव सहित इन कारकों से प्रभावित होगा बाजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2020 के दूसरे कारोबारी सप्ताह में भारत का शेयर बाजार कई कारकों से प्रभावित होगा। इनमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमत, रुपये में उतार-चढ़ाव, आदि शामिल है। बता दें कि बीते सप्ताह के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 110.53 अंक यानी 0.26 फीसदी की गिरावट रही।
बगदाद पर हमले का पड़ेगा असर
बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में ईरान का शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी मारा गया। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत में इजाफा हुआ है। साथ ही पिछले सप्ताह ऑयल मार्केटिंग और पेंट कंपनीज के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। ईरान ने अमेरिकी हमले के जवाब में कार्रवाई की धमकी दी। वहीं जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बदले की कार्रवाई करता है, तो अमेरिका इसका ऐसा जवाब देगा, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा। इससे भारतीय शेयर बाजार प्रभावित होगा।
बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम
इस संदर्भ में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशल सर्विसेज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि, 'निकट भविष्य में ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई से बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम है। हालांकि, कई सकारात्मक पहलू भी हैं जिनपर बाजार का ध्यान रहेगा। अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण के करार पर दस्तखत होने हैं। वहीं दिसंबर के तिमाही नतीजों और आम बजट से पहले के घटनाक्रमों से बाजार में तेजी का रुख बन सकता है।' बता दें कि इंफोसिस का तिमाही नतीजा शुक्रवार को आएगा।
मुनाफावसूली कर सकते हैं निवेशक
2020 के दूसरे कारोबारी सप्ताह में पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर रहेगा। जियोजीत फाइनेंशल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि, 'बाजार नई ऊंचाई पर है। भू-राजनीतिक तनाव की वजह से निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।'
इन कारकों से भी प्रभावित होगा बाजार
ब्रेंट क्रूड ऑइल की कीमत 4.4 फीसदी बढ़कर 69.16 अमेरिकी डॉलर हो गई। वहीं डब्ल्यूटीआई 4.3 फीसदी उछलकर 63.84 अमेरिकी डॉलर पर आ गया। डॉलर के मुकाबले रुपये में भी दबाव आ सकता है, जिससे बाजार प्रभावित होगा।