The Bonus Market Update: भारी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 733 अंक टूटा, निफ्टी 24700 के नीचे
Sensex-Nifty Closing Bell: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स बड़ी बिकवाली के बाद 733.22 अंक गिरकर 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 236.15 अंक गिरकर 24,654.70 अंक पर आ गया।
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शेयर बाजार लगातार छठवें दिन लाल निशान पर बंद हुआ। शुक्रवार को बेंचमार्क सूचकांक और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बड़े टैरिफ की घोषणा के बाद आई। उन्होंने कहा कि दवाइयों पर 100 फीसदी, किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50 फीसदी, फर्नीचर पर 30 फीसदी और भारी ट्रकों पर 25 फीसदी आयात कर लगाया जाएगा। नए टैरिफ 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होने वाले हैं। इस घोषणा के बाद सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में भारी गिरावट देखी गई।
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30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंक या 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,426.46 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 827.27 अंक या एक प्रतिशत गिरकर 80,332.41 पर आ गया। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 236.15 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 24,654.70 पर आ गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 4 पैसे बढ़कर 88.72 (अनंतिम) पर बंद हुआ। 19 सितंबर से सूचकांक में गिरावट जारी है और लगातार छह सत्रों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। शुक्रवार तक छह सत्रों में सेंसेक्स 2,587.50 अंक या 3.16 प्रतिशत तक गिर चुका है।
फार्मास्यूटिकल दवाओं पर 100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लगाने के कदम के बाद अधिकांश फार्मा शेयरों में गिरावट आई, जिससे बीएसई हेल्थकेयर सूचकांक 2.14 प्रतिशत नीचे आ गया। वॉकहार्ट के शेयरों में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आई। इस सप्ताह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली हुई।
अमेरिकी टैरिफ से निवेशकों की धारणा हुई प्रभावित
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख ने कहा कि भारतीय बाजार में एशियाई बाजारों की तरह ही भारी गिरावट देखी गई। दवा कंपनियों पर नए टैरिफ लगाने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई, जिससे दवा कंपनियों के शेयर भारी गिरावट में आ गए। इस बीच, एक्सेंचर के कमजोर दिशानिर्देशों और नौकरियों में कटौती ने आईटी खर्च में कमी को उजागर किया। एआई-आधारित विकास उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जिससे तकनीकी शेयरों में व्यापक बिकवाली हुई। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं और निकट भविष्य में घरेलू निवेश और खपत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक सबसे ज्यादा गिरावट में रहीं। वहीं लार्सन एंड टुब्रो, टाटा मोटर्स, आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज को लाभ हुआ।
आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में हुई बिकवाली
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि आईटी और हेल्थकेयर दोनों शेयरों में बिकवाली का सबसे ज्यादा असर पड़ा। इससे व्यापक सूचकांक नीचे आ गए, क्योंकि निवेशक आय के परिदृश्य और निर्यात वृद्धि की संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने में जुट गए।
यूरोपीय बाजारों में दिखी बढ़त
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग काफी गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के शेयर बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 69.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत गिरकर 69.23 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 4,995.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। गुरुवार को सेंसेक्स 555.95 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 81,159.68 पर बंद हुआ। निफ्टी 166.05 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 24,890.85 पर बंद हुआ।