72 साल में पहली बार रुपया 70 के पार, यह हैं गिरावट की असली वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच वर्षों में हुई सबसे बड़ी गिरावट
पिछले 5 वर्षों में रुपये में यह एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। इससे पूर्व अगस्त 2013 में रुपया एक दिन में 148 पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ था। रुपये ने बीते साल डॉलर की तुलना में 5.96 फीसदी की मजबूती दर्ज की थी, जो अब 2018 की शुरुआत से लगातार कमजोर हो रहा है। इस साल अभी तक रुपया 10 फीसदी टूट चुका है। वहीं इस महीने डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक 164 पैसे टूट चुका है।
सरकार का आश्वासन
आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने रुपये में जारी ऐतिहासिक गिरावट पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, 'स्थिति फिलहाल चिंताजनक नहीं है। यह गिरावट बाहरी कारकों की वजह से हो रही है, इसलिए आगे जाकर इसमें सुधार होने की उम्मीद है।'
Nothing to worry at this stage. Rupee is depreciating due to external factors which may ease as we go forward: Economic Affairs Secretary Subhash Chandra Garg on Rupees touches 70.07 versus the US dollar (file pic) pic.twitter.com/eEv4rvgN7Z
— ANI (@ANI) August 14, 2018
सोमवार को भी दिखी थी गिरावट
सोमवार को रुपये में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर के मुकाबले रुपये 69.49 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट की वजह आर्थिक संकट और कमजोर ग्लोबल संकेतों को माना जा रहा है।
रुपये में गिरावट का आप पर असर
- पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा होगा
- बढ़ सकती है महंगाई
- महंगे होंगे बैंकों के कर्ज
- घरेलू निवेश व कंपनियों की विस्तार योजनाओं पर बुरा असर
- विदेश में पढ़ने वाले छात्रों का खर्च बढ़ेगा
- विदेश यात्रा पर भारतीयों का खर्च बढ़ेगा
- निर्यातकों की बढ़ सकेगी कमाई
पहली बार रुपये में इतनी बड़ी गिरावट
यह पहली बार है, जब रुपये में डॉलर के मुकाबले इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर के मुकाबले रुपये ने 66 पैसे की भारी गिरावट के साथ शुरुआत की है। शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 68.83 के स्तर पर बंद हुआ था। जिस तरह से वैश्विक मंदी देखी जा रही है ऐसे में विशेषज्ञ पहले ही संभावना जता चुके हैं कि रुपया 70 के स्तर पर पर पहुंच सकता है।
इससे पहले रुपये में भारी गिरावट 19 जुलाई को को देखने को मिली थी। इस दौरान रुपये ने 69 का आंकड़ा छुआ था। डॉलर की डिमांड बढ़ने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये को कमजोर किया था। 69 का स्तर छूने से एक दिन पहले रुपये ने 19 पैसे की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की थी। 18 जुलाई को यह 68.43 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर खुला था।
विशेषज्ञों की माने तो अभी रुपये में दबाव बना रहेगा। लगातार डॉलर में आ रही मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में जारी उथल-पुथल और विदेशी निवेश प्रवाह में कमी रुपये में गिरावट के लिए जिम्मेदार है।