घर खरीदना एक बात हैं और घर में रहना दूसरी बात। भारत के अंदर अपने ही घर का मालिकाना हक पाने के लिए ग्राहकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्राहक घर तो खरीद लेते हैं। पर उसके बाद जो कुछ उन्हें झेलना पड़ता था। शायद उसको बयां कर पाना आसान नहीं था। पिछले कई सालों से अटके हुए बिल को आखिरकार रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास कर दिया गया है। इस बिल की सात अहम बातें आपको जरूर जाननी चाहिए। यह कानून कैसे आपके हक के लिए लड़ाई करेगा? सात अहम बातें।
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रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास
- फोटो : Reuters
1- इस बिल के पास हो जाने के बाद रियल एस्टेट इंडस्ट्री में चल रहे सभी प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रशन रियल स्टेट रेग्युलटरी अथॉरिटी में कराना होगा। हर राज्य में इसका ऑफिस होगा। साथ ही रियल एस्टेट एजेंट को भी अथॉरिटी में अपना पंजीकरण करवाना होगा। यह बिल रियल एस्टेट इंडस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी से लोगों को बचाएगा।
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रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास
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2.इस बिल के लागू होने के बाद रियल एस्टेट इंडस्ट्री में चल रहे सभी प्रोजेक्टों को अपनी सारी जानकारी अथॉरिटी को देनी होगी। इन जानकारी में बताना होगा कि प्रोजेक्ट का प्रमोटर कौन है? प्रोजेक्ट का ले आउट प्लान, प्रोजेक्ट के लिए मिलने वाली जमीन की एनओसी, प्रोजेक्ट कब पूरा हो जाएगा। इन सारी बातों की जानकारी देनी होगी।
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रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास
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3. रियल एस्टेट ट्रिब्यूनल की स्थापना की जाएगी जिससे डेवलपर और ग्राहक के बीच होने वाले विवादों को जल्द से जल्द निपटाया जा सके।
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रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल को राज्य सभा में पास
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4. रियल एस्टेट में शुरू किए जाने वाले प्रोजेक्ट जिसमें ग्राहकों ने निवेश किया हो, उसका 50 फीसदी पैसा एस्क्रो खातें में जमा करना होगा। यह पैसा सिर्फ प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में प्रयोग किया जाएगा।