Share Market: PM मोदी की सलाह के बाद से पीएसयू शेयर आसमान पर, 56 कंपनियों की बाजार पूंजी 23.70 लाख करोड़ बढ़ी
बीएसई पीएसयू इंडेक्स का कुल बाजार मूल्य इस दौरान 66 फीसदी बढ़कर 59.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, इन छह महीनों में किसी भी कंपनी के शेयर ने घाटा नहीं दिया है। सबसे खराब प्रदर्शन कर रहा एसबीआई का शेयर भी 12 फीसदी बढ़ गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में एलआईसी सहित अन्य सरकारी कंपनियों (पीएसयू) के शेयरों को खरीदने की सलाह देने के बाद से इनके शेयर आसमान छू रहे हैं। पिछले छह माह में 56 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 23.7 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। बीएसई पीएसयू इंडेक्स का कुल बाजार मूल्य इस दौरान 66 फीसदी बढ़कर 59.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। आंकड़ों के मुताबिक, इन छह महीनों में किसी भी कंपनी के शेयर ने घाटा नहीं दिया है। सबसे खराब प्रदर्शन कर रहा एसबीआई का शेयर भी 12 फीसदी बढ़ गया है। एनबीसीसी सबसे अधिक 249 फीसदी बढ़ा है। जिन निवेशकों ने छह माह पहले मोदी के भाषण के आधार पर शेयर खरीदे होंगे, वे मालामाल हो गए हैं। 10 अगस्त को मोदी के भाषण के बाद से निवेशकों ने सरकारी कंपनियों के शेयरों की जमकर खरीदी की है।
35 शेयरों में दोगुना से अधिक रिटर्न
जिन अन्य शेयरों ने छह माह में निवेशकों की रकम दोगुना की है, उनमें इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक भी हैं। एक साल में 35 कंपनियां ऐसी रही हैं जिन्होंने दोगुना से ज्यादा मुनाफा दिया है।
22 शेयरों में 100 फीसदी से ज्यादा लाभ
मोदी के भाषण के बाद से 22 शेयर ऐसे रहे हैं जो 100% से ज्यादा बढ़े हैं। भारी गिरावट में रहने वाला एलआईसी दो साल में पहली बार 1,000 रुपये और आईपीओ के भाव के ऊपर पहुंच गया। 100 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देने वालों में बीएचईएल, हुडको, एनएमडीसी, आईटीआई, एसजेवीएन, पीएफसी, कोचीन शिपयार्ड, एमएमटीसी, आरईसी, मैंगलोर रिफाइनरी, आरवीएनएल, एनएलसी इंडिया, इरकॉन, न्यू इंडिया एश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन हैं।
मोदी ने दिया था निवेश का गुरुमंत्र
शेयर बाजार में रुचि रखने वाले को यह गुरु मंत्र है कि जिन सरकारी कंपनियों को ये लोग (विपक्ष) गाली दें ना, आप उस पर दांव लगा दीजिए। सब अच्छा ही होने वाला है। यह शायद पहली बार था कि किसी प्रधानमंत्री ने निवेशकों को पीएसयू शेयरों पर भविष्य के दृष्टिकोण को सुनिश्चित किया था और वह भी संसद में। अगले दिन बैंक शेयरों के साथ अन्य सरकारी शेयरों में खरीदारी की नई लहर शुरू हो गई। मोदी ने अपने भाषण में एलआईसी और तेजस का जिक्र किया था।