दशहरा के बाद अब दीपावली में भी आंसू निकालेगा प्याज
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सरकार की तरफ से आयातित प्याज के शोर-शराबे के बावजूद प्याज के भाव में कोई गिरावट नहीं दिख रही है। प्याज की खुदरा कीमत एक बार फिर से 60 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
प्याज के थोक कारोबारियों के मुताबिक प्याज के दाम में गिरावट अब दीपावली के बाद ही आएगी। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में प्याज की मांग भी अधिक हो जाती है। पिछले एक महीने से प्याज के भाव 50-60 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहे हैं।
दाल की कीमत को कम करने में व्यस्त सरकार की तरफ से भी अब प्याज के दाम को लेकर कोई चर्चा नहीं की जा रही है। पिछले साल के मुकाबले प्याज के दाम में 80 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज हो चुकी है।
अगस्त माह के दौरान प्याज की बढ़ती कीमत को देखते हुए सरकार की तरफ से 10000 टन प्याज आयात करने का फैसला किया गया था और इसकी जिम्मेदारी वाणिज्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाली सार्वजनिक कंपनी एमएमटीसी को दी गई थी। लेकिन अब तक कितने प्याज का आयात किया गया, इसकी जानकारी सरकार की तरफ से उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अगस्त में सरकार की तरफ से यह बयान जरूर जारी किया गया था कि सितंबर तक आयातित प्याज के आते ही प्याज की कीमत कम हो जाएगी।
विदेशी प्याज आने पर भी नहीं घट रही कीमत
प्याज के थोक कारोबारियों के मुताबिक कुछ आयातित प्याज देश की कुछ मंडियों में जरूर आए हैं, लेकिन इससे प्याज की कीमतों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।
प्याज के दाम में असली गिरावट नवंबर के तीसरे सप्ताह से ही शुरू होगी जब घरेलू स्तर पर प्याज की आवक में बढ़ोतरी होगी। उनका कहना है कि अब भी प्याज की आवक मांग के मुकाबले कम है और त्योहारी सीजन होने से प्याज की मांग भी बढ़ गई है।
खाद्य व आपूर्ति विभाग की तरफ से जारी विज्ञप्ति में अब प्याज के भाव का जिक्र नहीं होता है और इस बात की भी जानकारी नहीं दी जाती है कि अब तक कितने प्याज का आयात किया गया।