आर्थिक सर्वेक्षण की 5 अहम बातें, जो आपको जाननी चाहिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संसद में शुक्रवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान 7 से 7.50 फीसदी विकास दर की उम्मीद जताई गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर ही बजट बनाया जाता है। आर्थिक सर्वेक्षण की 5 अहम बातें-
1- वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का 3.90 प्रतिशत तक सीमित रखना मुमकिन। वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.50 फीसदी के नीचे रखना जरूरी।
2- कच्चे तेल की कम कीमतों के कारण महंगाई में तेज इजाफे के आसार नहीं, वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 4.5% से 5% के आस-पास रहने की संभावना।
ज्यादा लोगों को कर की जद में लाया जाए
3-वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 1% से 1.5% के बीच संभव। पूंजी कम आने से रुपए की कीमतें गिरने दी जा सकती है। चीन में मुद्रा अवमूल्यन को देखते हुए भारत को चौकस रहना होगा।
4- कर की जद में और ज्यादा लोगों को लाया जाए। फिलहाल 5.5% लोग ही कर चुकाते हैं, इसे बढ़ा कर 20% तक लाया जाना चाहिए।
5- कर छूटों को धीरे-धीरे खत्म कर देना चाहिए। आने वाले समय में कर उगाही बढ़ने की सभावना है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में कारोबार बढ़ने का संकेत हैं। सर्वे के मुताबिक वेतन आयोग की सिफारिशों का असर महंगाई पर नहीं पड़ेगा।