फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   lockdown Impact 66 percent reduction in retail shopping

लॉकडाउन का असर: खुदरा खरीदारी में आई 60 फीसदी की कमी

Tue, 28 Apr 2020 05:44 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संदीप भट्ट Updated Tue, 28 Apr 2020 05:44 AM IST
विज्ञापन
lockdown Impact 66 percent reduction in retail shopping
लॉकडाउन का असर खुदरा खरीदारी पर भी पड़ा है। एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, लॉकडाउन 2.0 के दौरान मार्च के शुरुआती 15 दिनों के मुकाबले खुदरा खरीदारी में 60% गिरावट आई है। पिछले महीने के आखिरी 15 दिनों में औसत दैनिक खुदरा खर्च 31% तक घटा है। 
विज्ञापन


कंपनी ने कहा, क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहकों ने इस दौरान खर्च से ज्यादा भुगतान किए। इससे खुदरा खरीदारी घटी है। इसके अलावा, लॉकडाउन 2.0 में कॉरपोरेट कार्ड से खरीदारी में भी 60% कमी आई है।  विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण क्रेडिट कार्ड उद्योग के विकास और संपत्तियों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
विज्ञापन

भुगतान पर जोखिम

इससे पहले बैंक ऑफ अमेरिका ने कहा था कि एसबीआई कार्ड ग्राहकों ने 2019-20 के शुरुआती 10 महीनों में हर महीने औसतन 10,825 रुपये खर्च किए, जो उद्योग के मासिक औसत खर्च 11,031 रुपये से कम है। इस अवधि में क्रेडिट कार्ड खर्चों में एसबीआई कार्ड का हिस्सा 18% और एचडीएफसी 29% था। इसके अलावा, एसबीआई कार्ड के 85% वेतनभोगी ग्राहकों के भुगतान पर जोखिम कम हुआ है। हालांकि, कारोबार ठप होने से बेरोजगार ग्राहकों के भुगतान पर जोखिम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ईपीएफ : 6.5 लाख से अधिक ने निकाले 2,700 करोड़...

लॉकडाउन में वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए 6.5 लाख से अधिक कर्मचारी अपने भविष्य निधि (ईपीएफ) से 2,700 करोड़ निकाल चुके हैं। अप्रैल में हर कार्य दिवस औसतन 30-35 हजार लोगों ने ईपीएफ से निकासी की। अगले 10 दिनों में यह संख्या 10 लाख तक पहुंचेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें रिटायरमेंट फंड और कंपनी पीएफ ट्रस्ट की ओर से प्रबंधित धन निकासी भी शामिल है। हमें उम्मीद नहीं थी कि नए नियमों के तहत इतने लोग पैसे निकालेंगे। 

10 लाख से अधिक आईटी कर्मी करेंगे घर से काम

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के पूर्व अध्यक्ष सेनापति (क्रिस) गोपालकृष्णन ने कहा, आईटी क्षेत्र के कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करना) के लिए तैयार हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य होने पर भी 10 लाख से अधिक आईटी कर्मी घर से ही काम कर सकते हैं। आने वाले समय में यह कारोबार का लगातार चलने वाला हिस्सा बन जाएगा। इससे कंपनियों के किराया काफी बचेगा। उन्होंने कहा, आईटी क्षेत्र में छंटनी का डर नहीं है, लेकिन भर्तियां रुक सकती हैं। वेतन में कटौती भी हो सकती है। 

पेशेवर महिलाओं की वापसी के अनुकूल हालात...

वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ना महिलाओं के पेशेवर दुनिया में लौटने के लिए मददगार साबित हो सकता है। कोरोना के मद्देनजर कर्मचारियों के एक बड़े तबके के लिए वर्क फ्रॉम होम सिस्टम का हिस्सा बनता जा रहा है। जॉब सर्च पोर्टल ‘जॉब्सफॉरहर’ के मुताबिक, घर से काम वाली नौकरियां एक महीने में 30% तक बढ़ी है। नौकरी की तलाश वाली महिलाओं के आवेदन में मार्च में 50% की तेजी आई है। कंपनियां पेशेवर दुनिया में लौटने की सोच रही महिलाओं की भर्तियों पर विचार कर रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed