ई-रिटर्न फाइल करना होगा और आसान, जानिए कैसे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलेक्ट्रॉनिक तरीके से आयकर रिटर्न भरने को लोकप्रिय बनाने के लिए सीबीडीटी पहले से ही भरे हुए फॉर्म्स उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें एक करदाता की आय और अन्य अहम जानकारियों के बारे में आंकड़े ऑटोमेटिक अपलोड हो जाएंगे।
आयकर विभाग की शीर्ष नीति निर्माता संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) करदाता फ्रेंडली इस सुविधा को अगले वित्त वर्ष से लागू करने की पूरी कोशिश कर रहा है। इस साल अगस्त में शुरू नए ई-फाइलिंग सिस्टम के तहत ही यह कदम उठाया जा रहा है।
अगस्त में शुरू किए गए सिस्टम में आयकर रिटर्न को आधार नंबर, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम आदि से जोड़ते हुए उसे ऑनलाइन वेरिफिकेशन करने की सुविधा दी गई है। पांच लाख से कम आय वाले छोटे करदाता और रिफंड का दावा न करने वाले इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड का फायदा उठा सकते हैं।
सीबीडीटी की चेयरपर्सन अनीता कपूर ने कहा कि विभाग पहले से ही भरे फॉर्म में अधिक से अधिक एंट्री करने की संभावना पर काम कर रहा है, जिससे कि करदाता के लिए ई-रिटर्न भरना और आसान हो जाए।
आंकड़ों को बदल या उसे सुधार सकेंगे करदाता
विभाग की कोशिश तकनीकी विकास के साथ बेहतर सुविधाएं लाना है जिससे कि करदाता का जीवन आसान हो सके। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का फायदा शुरुआत में छोटे करदाताओं तक पहुंचाने का प्रस्ताव है, जो एक पेज का आईटीआर (आईटीआर-1) भरते हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग का मानना है कि पूर्व के रिकार्ड के मुताबिक आय के आंकड़े ऑटोमेटिक अपलोड हो जाने से करदाता अपना आयकर रिटर्न ज्यादा आसानी से भर सकेगा।
इतना ही नहीं इसमें जहां कहीं भी कोई बदलाव या संशोधन होगा करदाता उसे अपने से कर लेगा। हम करदाता को अपने आंकड़े बदलने या उसे सुधारने का मौका देने के साथ आयकर रिटर्न भरने को आसान बनाना चाहते हैं।