{"_id":"586e30514f1c1bb61e158b2c","slug":"here-is-why-the-flavour-of-the-season-mobile-wallets-will-die","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो खत्म हो जाएगा मोबाइल वॉलेट्स का दौर","category":{"title":"Bazar","title_hn":"बाज़ार","slug":"bazaar"}}
तो खत्म हो जाएगा मोबाइल वॉलेट्स का दौर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 05 Jan 2017 05:08 PM IST
विज्ञापन
Mobile Wallet
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी ने ये साफ कर दिया है कि स्मार्टफोन आपके वॉलेट से कहीं ज्यादा अच्छा है जिसमें कैश और कार्ड दोनों ही विकल्प एक साथ मिलते हैं। आजकल किसी खरीद-फरोक्त और बिलों के भुगतान के लिए कैश के इस्तेमाल के अलावा कई डिजिटल मोड बाजार में उपलब्ध हैं और ये एटीएम और बैंक की कतारों में कैश के लिए खड़े होने से कहीं बेहतर हैं।
विज्ञापन
एक क्लिक से कैशलेस ट्रांजेक्शन आसानी से किया जा सकता है। बाजार जानकारों का कहना है कि लोग डिजिटल इंडिया को बढ़ावा तो देना चाहते हैं लेकिन पेमेंट के तरीकों मसलन नेट बैंकिंग, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस, यूएसएसडी, आधार लिंक्ड भीम को लेकर भ्रमित हैं।
विज्ञापन
इन सबके चलते लोगों को एम-वॉलेट का तरीका ज्यादा भा गया है और वह पेटीएम,मोबीक्वीक जैसे वॉलेट्स का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि जल्द लोग नए डिजिटल पेमेंट तरीकों को अपनाएंगे।
विज्ञापन
वह फ्रिक्शनलेस पेमेंट को अपना सकते हैं। मतलब वो पेमेंट का तरीका जिसमें कम से कम मेहनत करनी पड़े और कम पिन और पासवर्ड याद रखने पड़ें। आगे चलकर यूपीआई एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। क्योंकि इसमें डायरेक्ट ट्रांसफर बैंक अकाउंट से सुगमता से हो सकता है।