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Gold Price: लगातार 10वें दिन बढ़ी सोने की वायदा कीमत, चांदी के भाव में गिरावट
Thu, 30 Jul 2020 02:14 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 30 Jul 2020 02:14 PM IST
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सोने चांदी की कीमत
- फोटो : pixabay
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आज भारतीय बाजारों में सोने की कीमत लगातार 10वें दिन बढ़ी। एमसीएक्स पर अगस्त का सोना वायदा 0.21 फीसदी बढ़कर 53,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। 10 दिनों में कीमती धातु 11 फीसदी यानी 5,500 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है। चांदी की बात करें, तो एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 65,212 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
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पिछले सत्र में, सोना 1.4 फीसदी यानी 730 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया था और 53,399 रुपये के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया था। चांदी की कीमत 0.5 फीसदी बढ़ी थी।
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वैश्विक बाजारों में इतना रहा दाम
वैश्विक बाजारों में, लगातार नौ दिनों की बढ़त के बाद सोने की की कीमत आज कम हुई। हाजिर सोना 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,965.90 डॉलर प्रति औंस पर रहा। जबकि मंगलवार को कीमतें 1,981 डॉलर के उच्च स्तर पर थी। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 24.2614 डॉलर प्रति औंस रह गई।
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इसलिए बढ़ी कीमत
इस वर्ष अब तक वैश्विक बाजारों में सोने की कीमत लगभग 30 फीसदी बढ़ गई है। कमजोर डॉलर, कम ब्याज दर और कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के कारण धातु की मांग बढ़ी है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को शून्य के पास अपरिवर्तित रखने की घोषणा की और आर्थिक सुधार के लिए अपने सभी साधनों का उपयोग करने को कहा, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला। विश्लेषकों ने अधिक प्रोत्साहन की उम्मीद जताई और कहा कि इसकी वजह से सोने में तेजी बरकरार रहेगी। गोल्डमैन सैक्स ने 2,300 डॉलर प्रति औंस की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
अमेरिकी ब्याज दरों के शून्य पर रहने से डॉलर पर दबाव डला और यह यूरो के मुकाबले दो साल का निचले स्तर पर चला गया। व्यापक प्रसार के बाद सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा की दुर्बलता के खिलाफ एक बचाव का विकल्प माना जाता है। कम ब्याज दर सोने का समर्थन करते हैं क्योंकि यह गैर-उपज धातु को धारण करने की अवसर लागत को कम करता है।
निवेश में बढ़ोतरी
दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण-समर्थित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या गोल्ड ईटीएफ की होल्डिंग एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट ने कहा कि इसी दौरान सोने में निवेश और बढ़ा है। उसकी होल्डिंग सात साल के उच्चतम स्तर पर है।