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गोल्ड हॉलमार्किंग: देश के 256 जिलों में बिना ठप्पे के नहीं बिकेंगे आभूषण, जानिए किन राज्यों में है अनिवार्य

Tue, 13 Jul 2021 05:11 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 13 Jul 2021 05:11 AM IST
सार

देश में 16 जून से सोने की हॉलमार्किंग अनिवार्य है। हालांकि पहले चरण में यह देश के 256 जिलों में यह लागू की गई है।
 

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Gold Hallmarking: Jewelery will not be sold without a stamp in 256 districts of the country, know in which states it is mandatory
ये चार निशान बताएंगे सोना हॉलमार्किंग वाला है या नहीं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे तीन शीर्ष राज्य हैं जहां अधिकांश जिलों में स्वर्ण आभूषणों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग (गुणवत्ता चिह्न लागने की अनिवार्य व्यवस्था) के पहले चरण की शुरुआत की जा रही है। केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार सोने के गहनों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग 16 जून से चरणबद्ध तरीके से लागू की गई है। पहले चरण में देश के 256 जिलों को इसके दायरे में लिया जाएगा। इससे पहले सोने की हॉलमार्किंग की व्यवस्था स्वैच्छिक प्रकृति की थी।

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मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने गोल्ड हॉलमार्किंग के पहले चरण के कार्यान्वयन के लिए 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 256 जिलों की पहचान की है। राज्यों की सूची में, अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के कार्यान्वयन के लिए तमिलनाडु से अधिकतम 24 जिलों की पहचान की गई है, इसके बाद गुजरात (23 जिले) और महाराष्ट्र (22 जिले) हैं। अनिवार्य रूप से सोने की हॉलमार्किंग के लिए पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में लगभग 19 जिलों की पहचान की गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली और तेलंगाना में सात-सात जिले, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में (12 जिले), केरल (13 जिले), कर्नाटक (14 जिले) और हरियाणा (15 जिले) की पहचान की गई है।
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गुणवत्ता के ठप्पे के बाद ही बिकेंगे आभूषण
256 जिलों के सर्राफों को गुणवत्ता के ठप्पे के साथ ही 14, 18 और 22 कैरेट के सोने के आभूषण बेचने की अनुमति दी गई है। पिछले महीने, सरकार ने सोना कारोबारियों के साथ व्यापक परामर्श के बाद आभूषण क्षेत्र में कुछ कंपनियों के लिए सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग में ढील दी।
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इन्हें मिलेगी हॉलमार्किंग से छूट
उदाहरण के लिए, सरकार ने 40 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले सर्राफा कारोबारियों को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी है। उन लोगों को भी छूट दी गई है जो सरकार की व्यापार नीति के अनुसार आभूषणों का निर्यात और पुन: आयात करते हैं, जो आभूषण अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के साथ-साथ सरकार द्वारा अनुमोदित बी 2 बी घरेलू प्रदर्शनियों के लिए होते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अप्रैल 2000 से सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग योजना चला रहा है। मौजूदा समय में लगभग 40 प्रतिशत सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग की जा रही है।


देश में चार लाख आभूषण विक्रेता
भारत में करीब चार लाख आभूषण विक्रेता हैं। इसमें से केवल 35,879 बीआईएस प्रमाणित हैं। विश्व स्वर्ण परिषद के मुताबिक, भारत सालाना 700-800 टन सोने का आयात करता है।

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