रिटेलर्स के लिए सूखा, लेकिन ई-कामर्स कंपनियों की बल्ले-बल्ले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्योहारी सीजन में छोटे दुकानदार व दूसरे रिटेलर्स ग्राहकी की कमी का रोना रो रहे हैं, वहीं ई-कामर्स कंपनियों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है।
ई-कामर्स कंपनियां उत्पादों की बिक्री पर 50 फीसदी से अधिक तक की छूट दे रही हैं। इस मामले में खुदरा दुकानदारों की दलील है कि ई-कॉमर्स कंपनियां उनकी दुकानदारी खराब करने के लिए जानबूझ कर घाटे में उत्पादों की बिक्री कर रही है।
ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के मुताबिक कंपनी ने अपनी मौजूदा सेल द बिग बिलियन डेज में सिर्फ 10 घंटे के भीतर पांच लाख मोबाइल हैंडसेट की बिक्री की है।
फ्लिपकार्ट के मुताबिक यह अपनी तरह का रिकॉर्ड है कि ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी मंच के जरिए 10 घंटे की अवधि में भारत में पांच लाख फोन की बिक्री की गई। फ्लिपकार्ट की महा सेल 13 अक्तूबर से शुरू है और 17 अक्तूबर तक चलेगी। मोबाइल फोन की बिक्री बुधवार की आधी रात से शुरू हुई थी।
फ्लिपकार्ट के मुताबिक बिक्री के लिहाज से बंगलूरू, दिल्ली और मुंबई जैसे महानगर आगे रहे। नागपुर, इंदौर, कोयंबटूर, विशाखापत्तनम व जयपुर जैसे शहरों ने भी खरीदारी में खासी दिलचस्पी दिखाई। 10 घंटे की अवधि में जो 5 लाख फोन की बिक्री हुई, उनमें 75 फीसदी फोन 4जी सेवा से जुड़े हैं।
रीयल एस्टेट कंपनियां भी उतरी ऑनलाइन
ई-कामर्स कंपनियों पर ग्राहकों की भरमार को देखते हुए मैजिकब्रिक डॉट कॉम पर बृहस्पतिवार से होम फेस्टिवल लांच किया गया, जो 15 नवंबर तक जारी रहेगा।
होम फेस्टिवल में 60 से भी अधिक रीयल एस्टेट डेवलपर्स अपनी रोमांचक डील्स और डिस्काउंट के साथ उपलब्ध रहेंगे। ग्राहकों के लिए कई सुअवसर भी पेश किए जा रहे हैं, जिनमें कुछ नकद के रूप में बड़े ऑफर्स में मैजिकब्रिक डॉट कॉम की तरफ से निश्चित कैशबैक भी शामिल है।
इस फेस्टिवल में एक भाग्यशाली विजेता को 5,00,000 का कैश बैक जीतने का अवसर भी मिलेगा और पहले 50 मकान खरीदने वाले ग्राहकों को 10,000 रुपए का सुनिश्चित कैश बैक दिया जाएगा।
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक सरकार ई-कामर्स कंपनियों की मनमानी पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 में फ्लिपकार्ट को 719 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा।