सस्ता होकर भी आंसू निकाल रहा प्याज
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महाराष्ट्र के लासलगांव थोक बाजार में प्याज की कीमतें गिरकर 10 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गईं हैं। लेकिन देश की राजधानी में उपभोक्ताओं को अब भी प्याज के लिए प्रति किलो 18-20 रुपये चुकाना पड़ रहा है।
यानी आम आदमी को प्याज कीमतों पर खास राहत नहीं मिली है। मौजूदा वित्त वर्ष में प्याज कीमतों का यह सबसे निचला स्तर है। लासलगांव में प्याज की कीमतें सितंबर में 41.30 रुपये प्रति किलोगाम से 76 फीसदी गिरकर 9.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
नासिक स्थित नेशनल हार्टीकल्चरल एंड रिसर्च फाउंडेशन ( एनएचआरडीएफ) के आंकड़ों के अनुसार थोक प्याज की कीमतें न्यूनतम 7 रुपये प्रति किलोग्राम और अधिकतम 14.22 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रहीं हैं।
प्याज की कीमतों में गिरावट जारी
एनएचआरडीएफ के डायरेक्टर आरपी गुप्ता ने कहा कि प्याज की कीमतें अक्टूबर से लगातार गिर रहीं हैं और खरीफ प्याज की फसल आने से आपूर्ति में उछाल आया है। गुप्ता ने कहा कि कीमतें पहले ही वर्ष के निचले स्तर पर आ गईं हैं और उम्मीद है कि इसमें 1-2 रुपये प्रति किलोग्राम और गिरावट होगी।
प्याज का उत्पादन वर्ष 2014-15 सीजन में 189 लाख टन होने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के उत्पादन से थोड़ा कम यानी 194 लाख टन से थोड़ा कम है। इस वर्ष आपूर्ति की दिक्कतों के कारण अगस्त में राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की खुदरा कीमतें बढ़कर 80 रुपये तक पहुंच गई थीं।
हालांकि केंद्र सरकार ने कीमतों पर अंकुश लगाने के तमाम प्रयास किए थे। इस वर्ष सरकार ने कीमतों पर अंकुश रखने के लिए प्याज का आयात किया था।