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100 छोटे देश बेचकर भी नहीं खरीद पाएंगे ये चीज, कीमत जान दबा लेंगे दांतों तले उंगली

Mon, 20 Aug 2018 09:39 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 20 Aug 2018 09:39 PM IST
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you will not be able to buy 100 small countries by selling this thing

दुनिया की सबसे महंगी चीज की अगर बात हो तो आप कहेंगे हीरा, सोना या प्लेटिनम ही सबसे महंगे होते हैं। लेकिन अगर हम कहें कि आप गलत हैं तो शायद आपको भी झटका लगे। दरअसल, दुनिया की सबसे महंगी चीजों में हीरा, सोना या प्लेटिनम नहीं बल्कि कुछ और ही है। ये बात शायद आपके गले भी न उतरे कि इस चीज को महज एक ग्राम मात्रा खरीदने में जितना पैसा चाहिए, उतने पैसे में दुनिया के 100 छोटे-छोटे देश आसानी से खरीदे जा सकते हैं। जी हां, ये चीज वाकयी बहुत बेशकीमती चीज है। दुनिया में सबसे महंगी इस चीज का नाम 'एंटीमेटर' यानी 'प्रति पदार्थ' है। 

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सर्न की प्रयोगशाला में उत्पादन 

वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर धरती की बात की जाए तो एंटीमेटर किसी काम का नहीं, लेकिन अंतरिक्ष से जुड़े किसी भी काम के लिए एंटीमेटर बहुत बेशकीमती है। ये बात भी आप शायद ही जानते होंगे कि अंतरिक्ष में ब्लैक होल द्वारा तारों को दो हिस्सों में चीरने की घटना में एंटीमेटर उत्पन्न होता है। सबसे पहले धरती पर इसको बनाने में तब कामयाबी मिली थी जब सर्न की प्रयोगशाला में इसका उत्पादन करने में सफलता मिली थी। बहरहाल, एंटीमेटर किसी भी लिहाज से धरती और अंतरिक्ष के लिए इतना बेशकीमती है कि कोई भी इसे पाने के लिए हर संभव रकम देने को तैयार हो जाएगा। 
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आखिर ये है क्या चीज...
 
दरअसल, अंतरिक्ष यात्रा करने या दूसरे ग्रहों पर आने-जाने के लिए अंतरिक्ष यान में जो ईंधन डाला जाता है वो इसी एंटीमेटर की मदद से बनता है। जी हां एंटीमेटर यानी प्रतिपदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे पाजीट्रान, प्रति-प्रोटान, प्रति-न्युट्रान से मिलकर बनता है। बाजार में 1 ग्राम प्रतिपदार्थ की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपए है। 
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नासा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एंटीमेटर यानी प्रतिपदार्थ दुनिया का सबसे महंगा मटैरियल बन चुका है। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो 1 मिलिग्राम प्रतिपदार्थ बनाने में तकरीबन 160 करोड़ रुपए तक लग जाते हैं, जिस स्थान पर इसका उत्पादन किया जाता है वहां विश्व की सबसे अच्छी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रखी जाती है। इतना ही नहीं नासा को इस चीज की हमेशा जरूरत रहती है। 

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