ViraL Video: पत्नी ने किया झूठा केस तो पति ने ससुराल के बाहर ही खोली चाय की दुकान, हथकड़ी पहनकर बनाता है चाय
Viral Video: पति की दुकान के बाहर लगे बैनर पर लिखा है, "जब तक नहीं मिलता न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय।" यह लाइन उनके दर्द को भी दिखाती है और समाज में फैलती एक गंभीर समस्या की ओर इशारा भी करती है।
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सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी खबरें वायरल हो जाती हैं, जिसे देखकर हम हैरान भी हो जाते हैं और हमारी हंसी भी छूट जाती है। हाल ही में, मध्य प्रदेश के नीमच जिले के अठाना गांव से ताल्लुक रखने वाले कृष्ण कुमार धाकड़ इन दिनों राजस्थान के बारां जिले के अंता कस्बे में एक अलग ही अंदाज में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। पत्नी के लगाए गए दहेज उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ उन्होंने एक अनोखी राह चुनी है। '498A टी कैफे' नामक एक चाय की दुकान, जहां वे हथकड़ी पहनकर चाय बनाते हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
पति ने न्याय मांगने के लिए खोली दुकान
पति की दुकान के बाहर लगे बैनर पर लिखा है, "जब तक नहीं मिलता न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय।" यह लाइन उनके दर्द को भी दिखाती है और समाज में फैलती एक गंभीर समस्या की ओर इशारा भी करती है। कृष्ण कुमार के पुराने मित्र संपत, जो भीलवाड़ा के निवासी हैं बताते हैं कि कृष्ण कुमार और अंता की रहने वाली मीनाक्षी की शादी 6 जुलाई 2018 को हुई थी। इसके एक साल बाद यानी साल 2019 में दोनों ने मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग ली थी और अठाना में ही कारोबार शुरू किया। यह काम इतना सफल रहा कि दोनों ने कई महिलाओं को रोजगार देकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा भी दिया।
यूपीएससी की तैयारी कर रहा था पति
उनकी इस सामाजिक पहल को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 8 अप्रैल 2021 को सम्मानित कर सराहा भी था। लेकिन साल 2022 में सब कुछ अचानक बदल गया। कृष्ण कुमार की पत्नी मीनाक्षी उन्हें छोड़कर मायके लौट गईं और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498A यानी कि दहेज उत्पीड़न और धारा 125 के तहत मुकदमे दर्ज करवा दिए। कभी यूपीएससी की तैयारी कर रहे कृष्ण कुमार, जो प्रीलिम्स परीक्षा भी पास कर चुके थे, इन आरोपों के कारण न सिर्फ मानसिक रूप से टूट गए, बल्कि अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी।
इस संदेश के साथ खोली चाय की दुकान
कृष्ण कुमार बताते हैं, “जब मेरी पत्नी अक्टूबर 2022 में अंता वापस गई तो उसने मुझ पर झूठे केस डाल दिए। इन मुकदमों ने मेरी जिंदगी को बर्बाद कर दिया। अब मैं '498A टी कैफे' चलाता हूं ताकि लोग जान सकें कि इस कानून का किस तरह गलत फायदा उठाया जा रहा है।” उनकी दुकान के बाहर एक और दिलचस्प संदेश लिखा है, "आओ चाय पर करें चर्चा, 125 में कितना देना पड़ेगा खर्चा।"
आत्महत्या का भी विचार कर चुका है पति
कृष्ण कुमार पिछले तीन सालों से राजस्थान के अंता में रहकर इंसाफ के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है और अब वे अपनी बूढ़ी मां के अकेले सहारा हैं। टीन की छत के नीचे जीवन बसर कर रहे कृष्ण कुमार कहते हैं कि उन्हें केवल मानसिक नहीं बल्कि सामाजिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि कई बार आत्महत्या का विचार आया, लेकिन मां की चिंता ने उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोक दिया।