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ये 4 लोग जानते थे कब आएगी उन्हें मौत, मरने से पहले ही बताई थी ये राज की बात
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Sun, 26 Nov 2017 09:45 AM IST
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ये कहावत में ही सुना है कि 'मौत कभी बताकर नहीं आती और जब मौत आती है तो सब अचानक ही हो जाता है। किसी को नहीं पता रहता कि उनकी मौत कब होगी। लेकिन धरती पर 4 ऐसे महान लोग भी हुए हैं जिन्हें ये पहले से ही आभास हो गया था कि अब उनके जाने का समय आ गया है। इन्होंने मरने से पहले ही लोगों को बता दिया था कि अब मौत आने वाली है। सुनकर हैरान रह गए न... चलिए बताते हैं कौन थे ये चार लोग...
mahatma gandhi
बापू को पता था अपनी मौत का समय
ये बात कम ही लोगों को पता होगी कि महात्मा गांधी को अपनी मौत का समय पता था। 20 जनवरी 1948 के बाद वे अपनी पौत्री मनु से कई बार 'हत्यारे की गोलियां या 'गोलियों की बौछार के बारे में बातें कर चुके थे। अपनी मृत्यु से एक दिन पहले 29 जनवरी को उन्होंने मनु से कहा था, यदि कोई मुझे गोली मारे और मैं उस गोली को अपने खुले सीने पर बिना पीड़ा से कराहे ले लूं और मेरी जुबान पर राम का नाम हो, तभी तुम्हें कहना चाहिए कि मैं एक सच्चा महात्मा था। 30 जनवरी 1948 को वह घड़ी भी आ पहुंची, जब गांधीजी का पूर्वाभास सच होने वाला था। अपनी पौत्रियों मनु और आभा का सहारा लेकर वह प्रतिदिन होने वाली प्रार्थना सभा में पहुंचे। अभी उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर लोगों को अभिवादन स्वीकार ही किया था कि एक नवयुवक ने मनु को झटका देकर और गांधीजी के आगे घुटनों के बल अभिवादन के अन्दाज में झुककर तीन गोलियां दाग दीं।
ये बात कम ही लोगों को पता होगी कि महात्मा गांधी को अपनी मौत का समय पता था। 20 जनवरी 1948 के बाद वे अपनी पौत्री मनु से कई बार 'हत्यारे की गोलियां या 'गोलियों की बौछार के बारे में बातें कर चुके थे। अपनी मृत्यु से एक दिन पहले 29 जनवरी को उन्होंने मनु से कहा था, यदि कोई मुझे गोली मारे और मैं उस गोली को अपने खुले सीने पर बिना पीड़ा से कराहे ले लूं और मेरी जुबान पर राम का नाम हो, तभी तुम्हें कहना चाहिए कि मैं एक सच्चा महात्मा था। 30 जनवरी 1948 को वह घड़ी भी आ पहुंची, जब गांधीजी का पूर्वाभास सच होने वाला था। अपनी पौत्रियों मनु और आभा का सहारा लेकर वह प्रतिदिन होने वाली प्रार्थना सभा में पहुंचे। अभी उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर लोगों को अभिवादन स्वीकार ही किया था कि एक नवयुवक ने मनु को झटका देकर और गांधीजी के आगे घुटनों के बल अभिवादन के अन्दाज में झुककर तीन गोलियां दाग दीं।
Indira gandhi
इन्हें पता था मौत आने वाली है
आपको शायद अजीब लगे लेकिन जानने वाले इस बात को मानते हैं कि भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ये मालूम था कि उनके जाने का वक्त आ गया है। इंदिरा गांधी ने ये बात अपने अंतिम भाषण 30 अक्तूबर 1984 को उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में कही थी। इंदिरा गांधी ने कहा था कि मुझ पर कई बार हमले हो चुके हैं। मुझे मारने की हर संभव कोशिश की जा रही है। लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है कि मैं जीवित रहूं या मर जाऊं। इस भाषण के ठीक एक दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
आपको शायद अजीब लगे लेकिन जानने वाले इस बात को मानते हैं कि भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ये मालूम था कि उनके जाने का वक्त आ गया है। इंदिरा गांधी ने ये बात अपने अंतिम भाषण 30 अक्तूबर 1984 को उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में कही थी। इंदिरा गांधी ने कहा था कि मुझ पर कई बार हमले हो चुके हैं। मुझे मारने की हर संभव कोशिश की जा रही है। लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है कि मैं जीवित रहूं या मर जाऊं। इस भाषण के ठीक एक दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।
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abraham lincoln
अब्राहम लिंकन ने की थी अपने मौत की भविष्यवाणी
अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपनी मौत से पहले एक सपना देखा कि उनकी हत्या कर दी गई है। लिंकन ने यह बात अपनी पत्नी को बताई। इस घटना के महज कुछ घंटे के बाद लिंकन की हत्या कर दी गई और इनका ये पूर्वाभास सच साबित हुआ। उसने कहा कल सूर्योदय से पहले वह मर चुका होगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपनी मौत से पहले एक सपना देखा कि उनकी हत्या कर दी गई है। लिंकन ने यह बात अपनी पत्नी को बताई। इस घटना के महज कुछ घंटे के बाद लिंकन की हत्या कर दी गई और इनका ये पूर्वाभास सच साबित हुआ। उसने कहा कल सूर्योदय से पहले वह मर चुका होगा।
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nostradamus
वहीं महान ज्योतिषी नस्त्रेदमस ने अपनी मृत्यु से पूर्व अपने मौत की घोषणा कर दी थी। 1 जुलाई 1566 को जब एक पुरोहित उनसे मिलने आया तो नस्त्रेदमस ने उनसे अपने बारे में कहा कि 'वह कल सूर्योदय होने तक मर चुके होंगे।