Ajab-Gajab: क्यों तिब्बत के ऊपर से नहीं उड़ता कोई जहाज? पायलट बदल लेते हैं रास्ता, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
Ajab-gajab:तिब्बतियन प्लैट्यू सेंट्रल एशिया का एक बड़ा भाग है, लगभग 2.5 मिलियन स्क्वेयर किलोमीटर में फैला है और इसकी औसतन ऊंचाई 4500 मीटर से ज्यादा है। यह धरती की सबसे ऊंची जगहों में शामिल है।
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Ajab-gajab: वर्तमान समय में ज्यादातर लोग समय की बचत के लिए हवाई यात्रा करते हैं। इसके जरिए कम समय में और बिना थके लंबी दूरी तय की जा सकती है। सड़क की तरह आसमान में भी ट्रैफिक होता है। एवीएशन डिपार्टमेंट योजना तैयार कर हर विमान का एक रूट तय करता है। इसके कारण हर देश से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स अपने रास्ते जाती है और आसमान में कोई दुर्घटना नहीं घटती।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी जगह, जिसके ऊपर हर फ्लाइट को उड़ान भरने से बैन कर दिया जाता है? एक ऐसी जगह है जहां से कोई विमान नहीं जा सकता है। इसका नाम तिब्बतन प्लेट्यू (तिब्बती पठार) है, जिसे रूफ ऑफ वर्ल्ड के नाम से भी जाना जाता है। इस जगह से कोई भी पायलट अपने विमान को नहीं उड़ाता। आइए जानते हैं आखिर क्या रहस्य है?
तिब्बतियन प्लैट्यू सेंट्रल एशिया का एक बड़ा भाग है, लगभग 2.5 मिलियन स्क्वेयर किलोमीटर में फैला है और इसकी औसतन ऊंचाई 4500 मीटर से ज्यादा है। यह धरती की सबसे ऊंची जगहों में शामिल है। भगौलिक फीचर्स के कारण इसके ऊपर से विमान को उड़ाना काफी मुश्किल माना जाता है। इतनी ऊंचाई पर विमान की उड़ाने में इंजन फेल होने की संभावना अधिक होती है। अगर इस क्षेत्र में उड़ान भरने के दौरान कभी इमरजेंसी लैंडिंग की जरुरत पड़ी तो संभव नहीं है। इसके कारण विमान इस इलाके से उड़ने में कतराते हैं।
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इस इलाके से उड़ाने न भरने की वजह मौसम भी है। यहां का मौसम बेहद खराब रहता है। तेज हवाएं चलती है और कभी भी मौसम बदल जाता है। इसके अलाना यहां पर आधी तूफान आने का डर रहता है, जिसकी वजह से विमान की उड़ान में दिक्कत होती है। पहाड़ों पर फॉग की वजह से विजिबलिटी कम होती है। यही कारण है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल इस एरिया के ऊपर किसी भी देश को प्लेन उड़ाने की इजाजत नहीं देता है।
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हो चुके हैं कई हादसे
इस इलाके से पहले विमान उड़ान भरते थे, लेकिन कई हादसों के बाद यह फैसला लिया गया। 1992 में चीन एयरलाइन्स की फ्लाइट 358 इस इलाके से उड़ान भर रहा थी और दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसकी तरह कई और विमान हादसे हुए हैं।