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Zara Hatke: दिन में खेलते-कूदते, रात होते ही पड़ जाते हैं बेजान, इन बच्चों का रहस्य आज भी बना हुआ है पहेली
Wed, 29 Jul 2026 11:10 AM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:10 AM IST
सार
Zara Hatke: पाकिस्तान के दो भाइयों को 'सोलर किड्स' कहा जाता है क्योंकि वे दिन में पूरी तरह सामान्य रहते हैं, लेकिन सूरज ढलते ही उनका शरीर काम करना लगभग बंद कर देता है। डॉक्टर इसे जेनेटिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इसकी असली वजह अब तक सामने नहीं आई है।
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शाम होते ही बदल जाते हैं लड़के
- फोटो : इंस्टाग्रामlostvoiceindian
विस्तार
दुनिया में कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जो पहली बार सुनने पर किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। लेकिन जब पता चलता है कि यह सब हकीकत है, तो हैरानी और भी बढ़ जाती है। पाकिस्तान के दो भाइयों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। इन्हें 'सोलर किड्स' के नाम से जाना जाता है। वजह है इनकी रहस्यमयी शारीरिक स्थिति। दिनभर ये दोनों बच्चे पूरी तरह नॉर्मल रहते हैं। दौड़ते हैं, खेलते हैं, बातें करते हैं और बाकी बच्चों की तरह अपनी दिनचर्या बिताते हैं। लेकिन जैसे ही सूरज ढलता है, उनकी पूरी दुनिया बदल जाती है।
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सोशल मीडिया पर हुए वायरल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाम होते ही दोनों भाइयों का शरीर अचानक काम करना लगभग बंद कर देता है। वे न तो अपने हाथ-पैर हिला पाते हैं, न बोल पाते हैं और न ही अपनी आंखें खोल या बंद कर पाते हैं। यहां तक कि खाना खाना भी उनके लिए संभव नहीं रह जाता। उनकी यह हालत वर्षों से डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी पहेली बनी हुई है।
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क्या है इसके पीछे का राज?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी दुर्लभ जेनेटिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का असर हो सकता है। इस तरह की बीमारी शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है, जो शरीर को एनर्जी देने और उसकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का काम करता है। हालांकि, अब तक हुई जांचों के बावजूद डॉक्टर इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं कि आखिर सूरज ढलने के बाद ही इन दोनों बच्चों की हालत क्यों बिगड़ जाती है।
मेडिकल साइंस के लिए चुनौती जैसा
कुछ समय पहले पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मेडिसिन के प्रोफेसर जावेद अकरम ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' से बातचीत में कहा था कि यह मामला मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती जैसा है। उन्होंने बताया था कि डॉक्टरों की टीम ने दोनों भाइयों के कई मेडिकल टेस्ट किए ताकि यह समझा जा सके कि दिन में पूरी तरह एक्टिव रहने वाले ये बच्चे रात होते ही अपनी आंखें क्यों नहीं खोल पाते, क्यों बोल नहीं पाते और खाना खाने तक में असमर्थ हो जाते हैं प्रोफेसर अकरम ने यह भी बताया था कि पाकिस्तान सरकार दोनों भाइयों का मुफ्त इलाज करवा रही है।