दुनिया में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिनपर विश्वास करना ही मुश्किल हो जाता है। एक ऐसी ही घटना अमेरिका में आज से 77 साल पहले घटी थी, जिसका रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया है। इस घटना को 'फिलाडेल्फिया एक्सपेरिमेंट' के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा प्रयोग था, जिसमें अमेरिकी सेना ने एक बड़े समुद्री जहाज (युद्धपोत) को ही गायब कर दिया था, लेकिन उसके बाद जो हुआ था, वो बेहद ही आश्चर्यजनक और हैरान करने वाला था।
2 of 7
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
वो द्वितीय विश्व युद्ध का समय था। इस दौरान कई देश अपनी समुद्री जहाजों को दुश्मन देशों के लड़ाकू विमानों से छिपाए जाने के तरीके खोज रहे थे। इसी बीच 28 अक्तूबर 1943 को अमेरिकी सेना द्वारा एक प्रयोग किया गया और वो प्रयोग था 1200 टन वजनी यूएसएस एल्ड्रिज नामक समुद्री जहाज को गायब कर देने का, ताकि दुश्मन देश को चकमा दिया जा सके।
3 of 7
यूएसएस एल्ड्रिज जहाज
- फोटो : Social media
माना जाता है कि जहाज को गायब करने के लिए उसमें कई जनरेटर लगाए गए थे, जिससे पैदा होने वाली बिजली से मैग्नेटिक फील्ड (चुंबकीय क्षेत्र) में रहस्यमय बदलाव करना था। इस बदलाव से ऐसा होता कि जहाज रडार से तो गायब हो ही जाता, साथ ही साथ वह वास्तविक तौर पर भी किसी को नहीं दिखता।
4 of 7
फिलाडेल्फिया एक्सपेरिमेंट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
कहते हैं कि जैसे ही ये प्रयोग शुरू हुआ, जहाज के आसपास भारी मात्रा में हरे रंग का धुआं निकलने लगा। इसे धुएं के निकलने के बाद जहाज पहले रडार से गायब हो गया और उसके बाद पूरा का पूरा जहाज ही अदृश्य हो गया। प्रयोग सफल होता देख अमेरिकी सेना खुश हो गई, लेकिन उनकी ये खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी।
5 of 7
फिलाडेल्फिया एक्सपेरिमेंट
- फोटो : Social media
गायब हुए जहाज को जब अमेरिकी सेना ने वापस लाने की कोशिश की, तो वह वापस नहीं आ सका। अब सेना को चिंता होने लगी, क्योंकि उस जहाज में कई अमेरिकी सैनिक भी थे। काफी कोशिश हुई, लेकिन जहाज को वापस लाने में सफलता नहीं मिली। बाद में आखिरकार अमेरिकी सेना को वो जहाज गायब हुए जगह से 300 किलोमीटर की दूरी पर मिला, जिसे देख कर प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक हैरान हो गए। इसके अलावा इसमें सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये थी कि गायब हुए जहाज पर मौजूद अधिकतर लोग या तो मारे गए थे या वो पागलपन की अवस्था में जा चुके थे।