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Viral: जर्मनी में मिली नौकरी, जेब से नहीं खर्च हुआ एक भी रुपया, सोशल मीडिया पर वायरल हुई भारतीय लड़की की कहानी
Wed, 05 Aug 2026 09:49 AM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:49 AM IST
सार
Viral: विदेश में नौकरी करने का सपना अक्सर लाखों रुपये के खर्च के डर से अधूरा रह जाता है। वीजा, फ्लाइट टिकट, रिहाइश और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं कई युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती हैं।
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बिना एक भी रुपया खर्च किए पहुंच गई जर्मनी
- फोटो : AI
विस्तार
विदेश में नौकरी करने और वहीं नई जिंदगी शुरू करने का सपना न जाने कितने युवा देखते हैं। हालांकि यह सपना अक्सर वीजा, फ्लाइट टिकट, रहने की व्यवस्था और दूसरे भारी-भरकम खर्चों के सामने छोटा पड़ जाता है। कई लोग केवल इस डर से आवेदन तक नहीं करते कि विदेश शिफ्ट होने में लाखों रुपये खर्च हो जाएंगे। लेकिन जर्मनी में प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर काम कर रहीं डिजिटल क्रिएटर सिमरन खोखा की कहानी इस सोच को पूरी तरह बदल देती है। उनका एक फेसबुक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि वह बिना अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च किए जर्मनी कैसे पहुंचीं। आइए जानते हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी
सिमरन बताती हैं कि जैसे ही उन्हें जर्मनी से नौकरी का ऑफर मिला, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन यह उत्साह कुछ ही मिनटों में चिंता में बदल गया। उनके मन में तुरंत विदेश जाने से जुड़े खर्चों की लंबी सूची घूमने लगी। वीजा फीस, फ्लाइट टिकट, रेजीडेंस परमिट, ज्यादा बैगेज और शुरुआती महीनों के रहने का खर्च उन्हें परेशान करने लगा। उन्हें लगा कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना आसान नहीं होगा।
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सिमरन को नहीं हुआ यकीन
हालांकि उनकी यह चिंता ज्यादा देर तक नहीं रही। कुछ समय बाद कंपनी की ओर से उन्हें रीलोकेशन पैकेज से जुड़ा ईमेल मिला। सिमरन के मुताबिक उन्होंने उस ईमेल को दो बार पढ़ा क्योंकि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि कंपनी उनके विदेश शिफ्ट होने का पूरा खर्च खुद उठाने वाली है। इस पैकेज के तहत उन्हें वीजा फीस, रेजीडेंस परमिट, फ्लाइट टिकट, रीलोकेशन और अतिरिक्त बैगेज, तीन महीने की रहने की व्यवस्था और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सहायता तक बिना किसी खर्च के उपलब्ध कराई गई।
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सिमरन ने दी युवाओं को खास सलाह
सिमरन का कहना है कि किसी दूसरे देश में जाना सिर्फ सामान पैक करके नई जगह पहुंच जाना नहीं होता। इसके साथ अपने परिवार, दोस्तों और वर्षों से बने कम्फर्ट जोन को पीछे छोड़ने का इमोशनल फैसला भी जुड़ा होता है। ऐसे में जब हजारों यूरो का आर्थिक बोझ कंपनी अपने ऊपर ले लेती है तो यह बदलाव काफी आसान और कम तनावपूर्ण महसूस होता है। सिंगापुर में सात साल काम करने के बाद अब जर्मनी में रह रहीं सिमरन विदेश में नौकरी तलाशने वाले युवाओं को एक खास सलाह भी देती हैं। उनका कहना है कि केवल रीलोकेशन खर्चों के डर से आवेदन करने से पीछे न हटें। हर कंपनी यह सुविधा नहीं देती, लेकिन ऐसी कंपनियां भी कम नहीं हैं जो कर्मचारियों के वीजा और शिफ्टिंग का पूरा खर्च उठाती हैं। इसलिए इंटरव्यू के दौरान वीजा स्पॉन्सरशिप और रीलोकेशन सपोर्ट के बारे में खुलकर सवाल जरूर करें।
युवा विदेश में बनाना चाहते हैं करियर
सिमरन के इस वीडियो पर सैकड़ों लाइक्स, कमेंट्स और शेयर भी आ चुके हैं। उन्होंने पोस्ट में यह भी बताया कि जो लोग कमेंट बॉक्स में "DE" लिखेंगे, उन्हें जर्मनी में नौकरी पाने से जुड़े जरूरी रिसोर्सेज फ्री में भेजे जाएंगे। यही वजह है कि यह वीडियो विदेश में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।