फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bizarre News ›   gay rights activist frank kameny google honored with doodle

Frank Kameny: गूगल ने डूडल बनाकर फ्रैंक कैमिनी को दी श्रद्धांजलि, समलैंगिक अधिकारों के लिए सबसे पहले उठाई थी आवाज

Wed, 02 Jun 2021 11:47 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Wed, 02 Jun 2021 11:47 AM IST
सार

फ्रैंक कैमिनी को समलैंगिक होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। आर्मी से निकलने के बाद उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।

विज्ञापन
gay rights activist frank kameny google honored with doodle
फ्रैंक कैमिनी डूडल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गूगल ने आज डूडल बनाकर अमेरिकी खगोलशास्त्री, द्वितीय विश्व युद्ध के दिग्गज और समलैंगिक अधिकारों के लिए पहली बार आवाज उठाने वाले डॉक्टर फ्रैंक कैमिनी को याद किया है। जून महीने की शुरुआत में ही उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है और विश्व स्तर पर इसे ‘एलजीबीटी प्राइड मंथ’ के रूप में मनाया जाता है। गूगल ने अपने होमपेज पर एक डूडल बनाया है, जिसमें कैमिनी को एक रंगीन माला पहने हुए दिखाया गया है। फ्रैंक कैमिनी को गूगल ने अमेरिकी समलैंगिक अधिकारों के प्रमुख के रूप में दिखाया है।

विज्ञापन


फ्रैंक कैमिनी का जन्म 21 मई, 1925 को क्वींस, न्यूयॉर्क में हुआ था। 15 साल की उम्र में कैमिनी ने फिजिक्स पढ़ने के लिए क्वीन्स कॉलेज में दाखिला लिया। फ्रैंक कैमिनी ने अपने जीवनकाल में एक खगोलशास्त्री और समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता के रूप में काम किया।

विज्ञापन

फ्रैंक कैमिनी ने साल दूसरे विश्व युद्ध के दौरान फ्रैंक कैमिनी यूरोप सेना के हिस्सा थे। आर्मी मैप सेवा में खगोलशास्त्री के रूप में काम करने वाले फ्रैंक कैमिनी को समलैंगिक होने के कारण नौकरी से निकाल दिया गया था। आर्मी से निकलने के बाद उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद हार्वर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की।
 

नौकरी से निकाल दिए जाने के कारण कैमिनी ने सरकार पर मुकदमा दायर किया और साल 1961 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में पहली समलैंगिक अधिकार अपील दायर की। इसके बाद उन्होंने व्हाइट हाउस और पेंटागन के बाहर कई बार विरोध प्रदर्शन किया।

फ्रैंक कैमिनी ने पहला समलैंगिक अधिकार वकालत समूह तैयार किया और समलैंगिकता को मानसिक परेशानी बताने वाले अमेरिकी साइकेट्रिक एसोसिएशन को खुलकर चुनौती दी। इसका असर ये हुआ कि साल 1975 में  सिविल सर्विस कमीशन ने समलैंगिक कर्मचारियों पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया।

 

फ्रैंक कैमिनी को समलैंगिक अधिकारों का अगुवा कहा जाता है। समलैंगिक होने के कारण नौकरी से बर्खास्त किए जाने के 50 साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद कैमिनी से अमेरिकी सरकार ने औपचारिक रूप से माफी मांगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed