आमतौर पर जहां कोई इंसान 100 साल भी मुश्किल से ही जी पाता है, वहीं अगर किसी अपराधी को कोर्ट द्वारा हजारों-लाखों साल की सजा सुना दी जाए तो जाहिर है आपको हैरानी तो होगी ही। आज हम आपको कुछ ऐसे ही अपराधियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें उनके अपराध के लिए अदालत की ओर से हजारों-लाखों साल की सजा सुनाई गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
स्पेन के 22 वर्षीय पोस्टमैन गैब्रीअल मार्च ग्रनाडोस को साल 1972 में 3,84,912 साल की सजा सुनाई गई थी। उसे 40 हजार से ज्यादा पत्र और पार्सल डिलिवर न करने का दोषी पाया गया था। अदालत ने प्रत्येक पत्र और पार्सल के बदले उसे 9-9 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में उसकी लाखों साल की ये सजा घटाकर 14 साल कर दी गई थी।
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चमोए थिप्यासो
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थाईलैंड की चमोए थिप्यासो नाम की महिला दुनिया की सबसे लंबी जेल की सजा पाने वालों में से एक है। उसे साल 1989 में अदालत द्वारा 1,41,078 साल की सजा सुनाई गई थी। उसे एक पिरमिड स्कीम में 16,231 लोगों के करीब 19 करोड़ रुपये का चूना लगाने का दोषी पाया गया था। हालांकि बाद में थाईलैंड में एक कानून पास हुआ कि धोखाधड़ी के मामले में अपराधी को कितनी भी लंबी सजा क्यों न सुनाई गई हो, उसे 20 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता।
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मैड्रिड ट्रेन बम धमाका
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स्पेन की राजधानी मैड्रिड में साल 2004 में हुए ट्रेन विस्फोटों में शामिल आतंकियों में से एक आतंकी ऑथमैन अल नाओई को अदालत ने 42,924 साल की सजा सुनाई थी, जबकि उसके साथी जमाल जोउगम को 42,922 साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि स्पैनिश कानून कहता है कि किसी को भी 40 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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साल 1994 में अमेरिकी राज्य अल्बामा के रहने वाले चार्ल्स स्कॉट रॉबिन्सन नाम के शख्स को अदालत ने रेप के मामले में कुल 30 हजार साल की सजा सुनाई थी। जज ने उसे कुल छह मामलों में 5-5 हजार साल की सजा सुनाई थी। चार्ल्स को इतनी लंबी सजा सुनाने के बाद जज ने बताया कि वह उसे बिना परोल के उम्रकैद की सजा नहीं दे सकते थे, इसलिए उन्होंने इतनी लंबी सजा सुनाई, ताकि वह अपनी बाकी की जिंदगी जेल में ही बिताए। इसका मतलब ये था कि चार्ल्स को पहली परोल तब मिलती, जब उसकी उम्र 108 साल हो जाती।